शव का दुबई से भारत आने का इंतजार कर रहा है पूरा ‘परिवार’ और देश
एक लम्बी शानदार, कामयाब यात्रा का इतना अचानक, असमय अंत. बहुत दुखद , श्रीदेवी सही मायनों में सम्पूर्ण अभिनेत्री थीं
नई दिल्ली, 26 फरवरी। सदमा का करुण क्लाइमेक्स कमल हासन की वजह से भुलाये नहीं भूलता. लेकिन सदमा की कहानी तो रेशमी यानी श्रीदेवी की कहानी थी. अभिनय के लिहाज़ से सदमा श्रीदेवी की भी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में गिनी जाएगी। जिस साल जीतेन्द्र के साथ हिम्मतवाला आयी थी और पीतल के कलसों के इर्द गिर्द अप्सरा की पोशाक में नाचती श्रीदेवी को लेदर जैकेट और चुस्त पैंट के चलते Thunder thighs का ख़िताब मिला था, उसी साल सदमा आयी थी जो तमिल फिल्म मुन्दरम पिरई का रीमेक थी। याददाश्त खो चुकी एक युवती के एक बच्ची की तरह व्यवहार करने का जटिल अभिनय श्रीदेवी ने कमाल का निभाया था.जिन्होंने फिल्म देखी है, उन्हें ‘हरिप्रसाद’ वाला सीन याद होगा।

ग्लैमर के पैमाने पर तो उनके खाते में तोहफा, हिम्मतवाला, मकसद, मवाली और मास्टरजी से लेकर मिस्टर इंडिया, चांदनी, चालबाज़, लम्हे, खुदा गवाह, नगीना और निगाहें तक की लम्बी फेहरिस्त है।
मिस्टर इंडिया में ‘काटे नहीं कटते ये दिन ये रात’ गाने में नीली साड़ी में श्रीदेवी का सम्मोहन फिल्मों का कौन दीवाना भूल सकता है. सलमान खान की फिल्म मैंने प्यार किया में यही गाना एक अलग ढंग से शर्मीली नायिका के प्रेम की सार्वजनिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनता है।

मिस्टर इंडिया में चार्ली चैपलिन की नक़ल में श्रीदेवी ने कॉमेडी पर पकड़ दिखाई थी जो बाद में चालबाज़ की दोहरी भूमिका में और मज़बूती से सामने आयी।
जिन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म मस्त देखी होगी, उन्हें वो सीन ज़रूर याद होगा जब एक श्रीदेवी का फैन बना पात्र श्रीदेवी को छीन ले जाने के लिए बोनी कपूर को कोसता है। राम गोपाल वर्मा खुल कर यह बात कहते थे कि वो श्रीदेवी के बहुत बड़े दीवाने हैं।
अगर यह कहा जाय कि वो हिंदी सिनेमा की आखिरी महारानी थीं, तो शायद गलत नहीं होगा. माधुरी दीक्षित ने उनसे नंबर वन का ख़िताब तो झटक लिया था लेकिन श्रीदेवी के रुतबे को कोई आंच नहीं आयी। बाद में आयी अभिनेत्रियों में से कोई भी प्रतिभा के बावजूद उनके जैसा जादुई असर नहीं छोड़ पायी।
अपनी बड़ी बेटी जाह्नवी की फ़िल्मी पारी की शुरुआत और उसकी पहली फिल्म को परदे पर देखने के लिए उत्साहित थीं लेकिन नियति ने उन्ही की कहानी पर द एन्ड लिख दिया।
माना जा रहा है कि अभिनेत्री का शव दुबई में सभी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद आज शाम तक मुंबई लाया जा सकता है. यहां मुंबई में उनके घरवाले, प्रशंसक और मित्र अब भी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वहां क्या हुआ।
बोनी और श्रीदेवी के लोखंडवाला घर पर बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक एकत्रित हैं वहीं कई सितारें बोनी कपूर के भाई अनिल कपूर के घर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंचे. फराह खान, फरहान अख्तर, तब्बू, सरोज खान, रितेश सिधवानी और हनी ईरानी अनिल कपूर के घर पहुंचे. वहीं श्रीदेवी के सौतेले बेटे अर्जुन कपूर, रेखा, करन जौहर, मनीष मल्होत्रा, शिल्पा शेट्टी, निखिल द्विवेदी, अनुपम खेर और इशान खट्टर रविवार रात यहां पहुंचे थे।








