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हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में कर रही कमाल
बेटी बचाने को जागरूकता-कानून का गठजोड़, मिला सम्मान
अजमेर, 08 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के झुंझुनू में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि अगर घर में सास कह दे कि हमें बेटी चाहिए तो किसी की हिम्मत नहीं कि बेटी को पैदा होने से रोक दे। कहा कि बेटियों के जन्म के लिए जागरुकता फैलानी होगी। श्री मोदी ने यहां राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत करते हुए यह बात कही। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और बच्चों के बीच अपने विचार रखे। पीएम ने हॉल में पहुंच कर सभी से सीधा संवाद भी किया। यहां आयेाजित रैली में पीएम ने महिलाओं से जुड़ी कई बातें कहीं। उन्होंंने याद दिलया कि दुनिया में 100 साल से भी अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है।
बेटी बचाने के लिए सरकारों को बजट निकालना पड़ रहा है
पीएम ने कहा कि हमारे देश में नारी को पूजा जाता है लेकिन ऐसा क्या हुआ कि बेटी को बचाने के लिए हाथ पैर जोड़ने पड़ रहे हैं और सरकारों को बजट निकालना पड़ रहा है। बालक और बालिकाओं की जन्म दर में अंतर से दुखी पीएम ने कहा कि अब लोगों को तय करना होगा कि जितने बेटे पैदा होंगे, उतनी ही बेटियां पैदा होंगी। जितना बेटा पढ़ेगा तो उतनी ही बेटी भी पढ़ेगी। इसकी शुरुआत हमें आज से ही करनी चाहिए।
हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में कर रही कमाल: प्रधानमंत्री
पीएम ने कहा कि मेरे विरोधी जितना भी मुझे भला-बुरा कहें उनकी मर्जी है बस ऐसा करें कि अगर पीएम बोले तो उसका मतलब प्रधानमंत्री नहीं पोषण मिशन होना चाहिए। इससे इस मिशन को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी. हमें कुपोषण के खिलाफ जंग लड़नी होगी। कहा कि हमारी सरकार के आने के बाद हमने हरियाणा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम लॉन्च किया। जिसके बाद वहां पर बेटियों के जन्म के अनुपात में काफी सुधार हुआ है। आज देश में बेटियां नाम रोशन कर रही हैं। जो लोग मानते हैं कि बेटा है। बुढ़ापे में काम आयेगा तो ये गलत है. मैंने कई बार देखा है कि बेटे आराम की जिंदगी जीते हैं लेकिन मां-बाप वृद्धाश्रम में रहते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बोझ नहीं, बेटी पूरे परिवार की आन-बान और शान होती हैं।