लखनऊ, 21 मार्च। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज फिर दुहराया है कि ईवीएम पर जनता का विश्वास नहीं रह गया है इसलिए बैलेट पेपर से मतदान होना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों में चुनावों के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं। गोरखपुर के संसदीय उपचुनाव में तो 127 ईवीएम में खराबी मिली। तीन-तीन घंटा मतदान रूका रहा। अगर बैलेट पेपर से चुनाव होता तो भाजपा और ज्यादा वोट से हार जाती।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री यादव आज पार्टी मुख्यालय, लखनऊ के लोहिया सभागार में विधायकों की एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा मनमानी पर उतारू है। यदि भाजपा में जरा भी नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की परवाह होती तो वह राज्यसभा के लिए 9वां प्रत्याशी नहीं उतारती।
श्री यादव ने कहा कि एक तरफ सरकार का यह दावा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी हो जायेगी, वहीं किसानों की आत्महत्या एवं उनका उत्पीड़न रूक नहीं रहा है। चालू वर्ष में ही महोबा में कर्ज में डूबे 27 किसानों ने अपनी जान दे दी। भाजपा सरकारों के पास तो किसान परिवारों के बेरोजगार नौजवानों की बेकारी दूर करने का प्रारूप तक नहीं है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि बेरोजगार नौजवान अवसाद में आत्महत्या कर रहे हैं केन्द्र सरकार के गृह राज्यमंत्री की स्वीकारोक्ति है कि सन् 2014 से सन् 2018 के बीच 26 हजार 500 बेरोजगार नौजवान आत्महत्या कर चुके हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां करोड़ों नौजवान बेकारी के शिकार हों और सरकारों के पास रोजगार उपलब्ध कराने की कोई नीति और नीयत भी नहीं है।
राज्य की कानून व्यवस्था चौपट है। रोजाना हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं होती हैं। बच्चियों तक से दुष्कर्म की वारदातें शर्मनाक हैं। अपराध नियंत्रण का भाजपा सरकार का दावा वास्तविकता से परे है। इससे जनता में भारी आक्रोश है। जन आक्रोश का एक परिणाम गोरखपुर-फूलपुर के उपचुनावों में भाजपा की पराजय में मिला है। अब जनता को बेसब्री से सन् 2019 का इंतजार है। चुनाव निष्पक्ष हों, इसके लिए मतदान ईवीएम से नहीं, बैलेट से ही होना चाहिए।







