कोई है! मै एक बदनसीब हैंडपम्प हूँ। कभी मै राह चलते लोगों की प्यास बुझाने का काम करता था लेकिन इस समय कमिश्नर ऑफ़िस के पास बदहाल जीवन व्यतीत कर रहा हूँ। आपको बता दूँ यहीं से लोगों को पानी उपलब्ध कराए जाने जैसी योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाता है। लेकिन मेरी इस बदहाली पर कभी किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। और तो और किसी ने मेरे ऊपर तारों का जाल भी डाल दिया है। तो कोई मेरे पास कूड़ा डाल जाता है। कोई है जो मेरी इस बदहाली की सुध? फ़ोटो आज़म हुसैन







