लखनऊ 8 जून: विश्व कुद्वस दिवस के अवसर पर आसफि मस्जिद में नमाजे़ जुमा के बाद मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी के नेतृत्व में इज़राइली आतंकवाद के खिलाफ प्रर्दशन किया गया। प्रर्दशनकारियों का जुलूस फिलीस्तीनी मज़लूमों के समर्थन और इज़रायली बबर्ता के खिलाफ आसफि मस्जिद से निकल कर बडे इमामबाडे के मुख्य दरवाज़े तक गया।
प्रदर्शनकारियों ने इज़रायली आतंकवाद के खिलाफ, फिलीस्तीनी मजलूमों के समर्थन में नारे भी लगाये। इमामबाड़ा के मुख्य दरवाजे़ पर मौलाना कलबे जवाद सहित अन्य ओलमा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। मौलाना कलबे जवाद ने संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों का दीनी कर्तव्य है कि वह फिलिस्तीन के मजलूमों के समर्थन एवं इजरायली आतंकवाद के खिलाफ आवाजे़ एहतेजाज बुलंद करें।
मौलाना ने कहा कि इजरायली आतंकवाद पर सभी गुलाम अरब देश मूकदर्शक बने हुए हैं, अकेले ईरान जो अमेरिका और इजरायली बर्बरता के खिलाफ बोलता है मगर उसे यह कहकर रोक दिया जाता है कि ईरान नाॅन अरब देश है, ताअजुब होता कि ईरान को नाॅन अरब देश कहकर फिलिस्तीनियों के समर्थन से रोका जाता है लेकिन यह अरब देश खुद अमेरिका और इजराइल के खिलाफ बोलने से डरते है।
सयुंक्त राष्ट्र और अपने देश की सरकार से यह रखी मांग:
- ग़ाज़ा में जारी इज़राइली आतंकावाद पर तुरंत कार्यवाही की जाये और मानवाधिकारों की पामाली एंव उलंघन के जुर्म में अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुक़दमा चलाया जाये।
- येरुशेलम पर मुसलमानों का पहला अधिकार है इसलिए येरुशेलम को इज़राइली राजधानी तस्लीम करने के अमेरिकी फैसले के खि़लाफ़ सख़्त क़दम उठाये जायें।
- येरुशेलम में अमेरिकी दूतावास के स्थानांतरण को अवैध क़रार दिया जाये।
- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यमन, बहरीन, नाइजेरिया, बर्मा, शाम और फिलीस्तीनी के मुसलमानों ख़ास कर शियों के नरसंहार का आत्म निरीक्षण करते हुए दोषी देशों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुकदमा किया जाये साथ ही मुसलमानों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जाये।
- उन्होंने कहा कि हम अपने देश की सरकार से मांग करते है कि फ़िलिस्तीन के मज़लूमों के समर्थन में इज़राइली बर्बता एंव आतंकवाद की निंदा करते हुए आतंक के जन्मदाता से अपने राजनयिक ससंबंध खत्म करे।







