स्विस बेंक में भारत का कितना क़ाला या सफ़ेद धन है उसके आंकड़े सामने आये है। 2017 मे 7 हजार करोड़ रुपैये स्विस बेंको में थे। अब ये काला धन है या नहीं ये तो स्विस बेंक वाले ही जाने। लेकिन 2014 में आम चुनाव के ठीक पहले अन्ना हजारे,योग गुरु बाबा राम देव आदि ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन चलाया तब बाबा ने देश को बताया की स्विस बेंको में करीब 80 लाख करोड़ की धनराशि जमा है और यह पैसा भारत का कालाधन है जिस पर भारत के लोगो का हक् है।
बाबाजी ने उस वक्त प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी से इस धन के बारे में कहा। बाबाजी ने मोदी से वचन माँगा की प्रधानमंत्री बनने के बाद वे यह कालाधन भारत वापस लायेंगे और लोगो को बांटे तो करीब 15 लाख हर किसी को मिल सकता है। मोदी ने बाबाजी पर विश्वास किया लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद बाबाजी कालाधन भूल गये। मोदीजी को भी लगा की बाबा ने उन्हें गलत जानकारी दी। लेकिन मामला वही नहीं अटका।
स्विस बेंको से जो जानकारी आ रही है वह बताती है की 2016 मे इन बेंको में 4500 करोड़ थे जो 2017 में बढ़ के 7 हजार करोड़ हो गया। यह धन किसका है इसके नाम भारत सरकार को एक साल बाद मिलना शुरू होंगा। द्विपक्षीय संधि करार के तहत भारत को स्विस सरकार से यह ब्यौरा मिलेंगा। जाहिर है की उस वक्त भारत में आम चुनाव हो रहे होंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 7 हजार करोड़ के बारे में फेसबुक जरिये कहा की यह पूरा पैसा कालाधन नहीं है लोगो की इससे जुड़े बुनियादी तथ्यो को समझना होंगा।
अन्य वित्त मंत्री पियूष गोयल ने भी यही कहा की यह सभी पैसा कालाधन है ये कैसे मान लिया जाय? दोनों वित्त मंत्रियों ने जो अब कहा वह उस वक्त बाबाजी और मोदीजी से नहीं कह शकते थे की तथाकथित 80 लाख करोड़ जो राशी बाबा ने घोषित की थी, वह सभी धन कला धन नहीं है। क्या अरुण जेटली जो की उस वक्त मोदी के काफी करीब और कानूनन सलाहकार भी थे तो उन्हों ने मोदी को चेताया की बाबा जो कह रहे वह सही नहीं?
किसने कितना का क्यों कैसे काले धन के बारे में कहा उसकी परते उतर रही है है। और इसमें मुख्य सूत्रधार बाबाजी लग रहे है। 7 हजार करोड़ का मामला बाहर आने के बाद बाबाजी ने कुछ ब्यान नहीं दिया। और 2014 के चुनाव के बाद तो बाबाजी ने पतंजलि की दुकान शुरू की और किसका कालाधन, काहे का कालाधन ये मानकर अपनी बिक्री बढ़ा रहे है।
कहने वाले तो यह भी कहेंगे की बाबाजी ने विदेश में जमा धन को पूरा कालाधन बताकर मोदी को मिसगाइड किया। मोदी जी ने बाबाजी की बातो पर विश्वास रख कर 15 लाख का वचन दिया। और देशवासियों में मोदी की छवि धूमिल हो गई इस बाबा की वजह से। बाबाजी साबुन की टिकिया बनाने में से कुछ पल फ़ुरसत मिले तो तनिक बताने का कष्ट करे की ये 7 हजार करोड़ धन कला है या सफ़ेद ?







