- लोकसभा में किसके कितने सांसद: 313 मोदी सरकार के पास, 125 विपक्ष में, 97 तय नहीं
- सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुक्रवार को
नई दिल्ली, 19 जुलाई 2018: मानसून सत्र में एक बार फिर केंद्र सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार के खिलाफ तेलुगू देशम पार्टी के नेता की ओर से पेश अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में चर्चा के लिए बुधवार को स्वीकार कर लिया गया, और इस पर चर्चा तथा मतदान शुक्रवार को कराया जाएगा। उस दिन सदन में ना तो प्रश्नकाल होगा और ना ही गैर सरकारी कामकाज। सुबह 11:00 बजे से चर्चा शुरू की जाएगी। और उसी दिन प्रस्ताव पर मतदान भी होगा।
मोदी सरकार के 4 साल से ज्यादा के कार्यकाल में उनके खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल के बाद जरूरी कागजात सदन पटल पर रखवाने के बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन को सूचित किया है कि उन्हें तेदेपा के के श्रीनिवास, थोटा नरसिंहमन. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तारिक अनवर. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मोहम्मद सलीम. कांग्रेस के मल्लिका अर्जुन खड़गे. और केसी वेदगोपालन, तथा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एनके प्रेमचंद्र की ओर से अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीनिवासन का प्रस्ताव सबसे पहले मिला इसलिए वह उन्हें प्रस्ताव पेश करने की अनुमति दे रही हैं। इस पर श्रीनिवासन ने एक पंक्ति का अपना प्रस्ताव पढ़ा जिसमें कहा गया कि यह सभा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव व्यक्त करती है। यह सभा सरकार के खिलाफ अविश्वास व्यक्त करती है। इसके बाद अध्यक्ष ने जानना चाहा कि सदन में कितने सदस्य प्रस्ताव का समर्थन करते हैं विभिन्न दलों के 50 से अधिक सदस्यों के प्रस्ताव के समर्थन में खड़े होने पर उन्होंने कहा कि वह प्रस्ताव पर चर्चा के लिए स्वीकार करते हैं। लेकिन चर्चा का दिन और समय बाद में तय किया जाएगा।







