- आरक्षण समर्थकों ने कहा भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में पदोन्नति में आरक्षण व 200 प्वाइन्ट रोस्टर पर लोकसभा से बिल पारित करने पर नहीं लिया कोई संकल्प
- आरक्षण समर्थकों का ऐलान पिछले 5 सालों से दलित कार्मिकों को बिल पारित करने के नाम पर बेवकूफ बना रही भाजपा। करो मरो की तर्ज पर लिया जायेगा अपमान का बदला
लखनऊ, 08 अप्रैल 2019: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति संयोजक मण्डल प्रान्तीय कार्यसमिति की आज एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें राजनीतिक दलों द्वारा पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर उनके घोषणा पत्रों पर विचार विमर्श किया गया। लोकसभा चुनाव 2019 के क्रम में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज जारी किये गये अपने संकल्प पत्र में दलित कार्मिकों के संवैधानिक अधिकार पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल को पास कराने अथवा सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को लागू कराने के लिये कोई भी संकल्प नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पिछले सालों में केन्द्र की मोदी सरकार ने दलित कार्मिकों को बेवकूफ बनाया और पदोन्नति में आरक्षण का बिल लम्बित रखा गया, उसी से यह सिद्ध हो गया था कि भाजपा को दलित कार्मिकों के हकों से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अब 2019 के संकल्प में जब पूरे देश में दलितों का ऐतिहासिक आन्दोलन हुआ उसके बावजूद भी पदोन्नति में आरक्षण बिल को पास कराने सहित 200 प्वाइन्ट रोस्टर को कानूनी रूप देने के लिये कोई भी सार्थक पहल न किये जाने से यह सिद्ध हो गया है कि भाजपा दलित कार्मिकों की विरोधी है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों में अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, दिनेश कुमार, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, राम औतार, रामेन्द्र कुमार, राम नारायन, सुनील कनौजिया ने एक सयुंक्त बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पारित होने के बाद उप्र की योगी सरकार अभी तक प्रदेश के 2 लाख रिवर्ट दलित कार्मिकों को उनके पूर्व पदों पर पदास्थापित नहीं किया गया और न ही उप्र में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल की गयी, इसलिये प्रदेश के सभी 8 लाख दलित कार्मिकों के परिवार व रिश्तेदार इस बार वोट की चोट से अपना हिसाब बराबर करेंगे। वहीं एक बार फिर आरक्षण समर्थकों ने 100 प्रतिशत वोट सुनिश्चित कराने के लिये सभी जिला संयोजकों को लगातार जागरूकता फैलाने का निर्देश भी भेजा है।







