Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, August 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»संपादकीय

    उत्तराखंड के जंगलों में फिर लपटें: हर साल यही तबाही… क्या पहाड़ों की नियति यही है?

    ShagunBy ShagunApril 20, 2026Updated:April 20, 2026 संपादकीय No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Flames return to Uttarakhand's forests: The same story every year. Devastation... Is this the destiny of the mountains?
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 332

    आज उत्तराखंड के जंगलों से उठती आग की लपटें देखकर मन में दुख के साथ गहरा गुस्सा उबल रहा है। अभी अप्रैल का महीना भी पूरा नहीं हुआ है, और पहाड़ों का दम घुटने लगा है। नैनीताल, कुमाऊं, पौड़ी-श्रीनगर रोड, चमोली… हर तरफ धू-धूकर जल रहे जंगल। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 से अब तक 160 से ज्यादा आग की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें करीब 100 हेक्टेयर जंगल राख हो गया। सिर्फ पिछले दो दिनों में 60 से ज्यादा फायर अलर्ट आए, और अब वन कर्मचारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी गई हैं। लेकिन यह कोई नई कहानी नहीं है।

    जनवरी-फरवरी 2026 में, जब पूरे हिमालय में बर्फ गिरनी चाहिए थी, तब भी जंगल जल रहे थे। वैली ऑफ फ्लावर्स और नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व तक आग की लपटें पहुंच गईं। उस समय भी भारतीय वायुसेना को बुलाना पड़ा। एक साल पहले जनवरी के तीसरे हफ्ते में जहां सिर्फ 45 आग की घटनाएं हुई थीं, वहीं 2026 में वही अवधि में 440 घटनाएं दर्ज की गईं। यानी दस गुना बढ़ोतरी! अब अप्रैल आते-आते आग ने फिर से अपना रंग दिखा दिया। क्या हमें हर साल इसी तबाही का इंतजार करना है? क्या जंगलों को राख होते देखना उत्तराखंडवासियों की नियति बन चुकी है?

    file photo

    यह सब होते देख अब सरकार और प्रशासन से कुछ कड़े सवाल पूछना जरूरी हो गया है:

    • हर साल जंगल जलते हैं, फिर भी ‘प्रॉपर प्लानिंग’ सिर्फ फाइलों और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक क्यों सिमट जाती है?
    • करोड़ों का बजट कहां खर्च होता है? सिर्फ बैठकें करने और रिपोर्ट तैयार करने में?
    • अर्ली वार्निंग सिस्टम कहां हैं? सैटेलाइट अलर्ट तो आ जाते हैं, लेकिन ग्राउंड पर एक्शन क्यों नहीं?
    • वन कर्मचारी, जो आग बुझाने के लिए जान हथेली पर लेकर निकलते हैं, उन्हें आधुनिक उपकरण, पर्याप्त पानी टैंकर, ड्रोन, फायर लाइन और बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दी जातीं?
    • क्या पूरा शासन-प्रशासन अभी भी सिर्फ बारिश के भरोसे बैठा है? अगर इस बार भी कुदरत ने साथ न दिया, तो हम क्या सिर्फ तमाशा देखते रहेंगे?

    यह आग सिर्फ पेड़ नहीं जला रही।
    यह हमारे पर्यावरण, वन्यजीव, पानी के स्रोत और पहाड़ों के भविष्य को जला रही है। चीड़ के जंगलों में आग लगना आम हो गया है, लेकिन अब यह ऊंचाई पर भी पहुंच रही है – जहां पहले बर्फ और परमानेंट फ्रॉस्ट आग को रोकते थे। पर्यटन, कृषि, पानी और ऑक्सीजन… सब कुछ खतरे में है। पहाड़ की जवानी और पानी के बाद अब जंगल भी स्वाहा हो रहे हैं।

    सरकार, जागिए!
    यह सिर्फ ‘वनाग्नि’ नहीं, सिस्टम की नाकामी का सुलगता हुआ सबूत है। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, ठोस कदम उठाइए – फायर ब्रेक बनाइए, स्थानीय समुदायों को ट्रेन कीजिए, आग लगाने वालों पर सख्त सजा का प्रावधान लागू कीजिए, और क्लाइमेट चेंज के इस नए पैटर्न को समझकर लंबी अवधि की रणनीति बनाइए।

    उत्तराखंड सिर्फ ‘देवभूमि’ नहीं, हमारी प्रकृति की सुरक्षा कवच भी है।
    इसे राख में बदलने की इजाजत हम अब नहीं दे सकते। जागो उत्तराखंड… जागो सरकार!

    #UttarakhandForestFire #SaveHimalayas #वनाग्नि_रोको
    Shagun

    Keep Reading

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    'Take 5 lakhs, just save my brother...' Kanwariya swept away by the Ganga's strong current; brother stood on the bank, pleading desperately.

    ‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’ गंगा की तेज धार में बह गया कांवड़िया, किनारे खड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    India's Golden Burst at the Commonwealth Games: Boxing Makes History, Neeraj Shines Again

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम धमाका: मुक्केबाजी ने रचा इतिहास, नीरज ने फिर कमाल दिखाया

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Soulful bhajan ‘Aan Baso Mere Man Darpan Mein’ released on Janmashtami.

    जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ भावपूर्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’

    August 26, 2026
    Shopping just got even more stylish! Sara Ali Khan launches Shoppers Stop's new credit cards.

    शॉपिंग अब और भी स्टाइलिश! सारा अली खान ने लॉन्च किए शॉपर्स स्टॉप के नए क्रेडिट कार्ड

    August 26, 2026
    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    August 26, 2026
    Women sanitation workers tied Rakhis to the Urban Development Minister.

    स्वच्छताकर्मी महिलाओं ने नगर विकास मंत्री को बांधी राखी

    August 26, 2026

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    August 26, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading