अहमदाबाद, जून 29, 2019ः अदाणी समूह ने भारत के लिए विश्वस्तरीय एथलीट्स की खोज कर, उन्हें तैयार करने की दीर्घकालिक पहल की घोषणा की है। गर्व है, रियो ओलंपिक 2016 के लिए बनाए गए समूह के पायलट प्राजेक्ट के आधार पर दिया गया नाम, देशभर मे चलाया जानेवाला कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य खेल जगत से जुड़े लोग और हितधारक तक पहुंचना और उन्हें सक्षम करना है।
15 मई से शुरु हुए, गर्व है के लिए अनेक खेलों से जुड़े एथलीट्स, कोच, खेल अकादमी इत्यादी के द्वारा आवेदन मिलना शुरु हो गया है। इस बड़ी कोशिश के ज़िरए देश के 29 राज्य के 100 शहरों में 5000 इच्छुको में से 15 से अधिक संभावित एथलीट्स का चयन किया जाना है जिनमें बड़ी उपलिब्ध हासिल करने का जुनून है। अभी तक, इस पहल के तहत 3000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
श्री प्रणव अदाणी, डायरेक्टर, अदाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने कहा,“भारत खेल की भावना में एक अभूतपूर्व बढ़ोतरी का गवाह बनता जा रहा है। जहां एक ओर सरकार ने संभावित खिलाड़ियों के लिए कई नए अवसर दिए है, एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट होने के चलते हमें लगता है। आगे आकर बदलते माहौल मे सहारा देना ये हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य हैं। गर्व है के माध्यम से हम उभरते खिलाड़ियों के साथ खड़े रहना चाहते हैं, उनकी यात्रा का एक हिस्सा बनना और उनकी उपलिब्धयों का जश्न मनाना चाहते है।“
गर्व है 14 साल से ज्यादा की उम्र के उन खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर दे रहा है जो व्यक्तिगत खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। हालांकि इसके लिए इच्छुक खिलाड़ियों को कड़ी पर्किया से गुजरना होगा जिसमें ग्रेडिंग सिस्टम भी शामिल है जो पुरानी उपलिब्धयों और एंग्लियन मेडल हंट के गुणात्मक और मात्रात्मक प्रतिक्रिया पर आधारित होगा। एंग्लियन मेडल हंट एक स्पोट्र्स मॅनेजमेंट कंपनी है जिसे खेल प्रतिभाओं को ढूंढ़ने हेतु ज़़मीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने में महारत हासिल हैं। एंग्लिना मेडल हंट का मकसद खेल के अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भारत के लिए कीर्ति हासिल करना हैं।
चुने गए खिलाड़ियों को प्रर्शिक्षण और अपने सपने पूरे करने के लिए महत्वपूर्ण राशि दी जाएगी। इस दीघर्कालिक इनक्यूबेशन प्र्रोग्राम का उद्देश्य टोक्यो ओलंपिक 2020/2022 एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों के लिए एथलीट्स के दो सेट और भविष्य के लिए जूनियर एथलीट्स तैयार करना है।
जिन खेलो को मदद करने का फैसला किया गया है उस सूची में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, निशानेबाजी और कुश्ती जैसे खेल शामिल है।
2016 के गर्व है पायलट प्रोजेक्ट के लाभार्थियों में अंकिता रैना (टेनिस), पिंकी जांगड़ा (मुक्केबाजी), संजीवनी जाधव (एथलेटिक्स), मलयका गोयल (निशानेबाजी), मनदीप जांगड़ा (मुक्केबाजी), इंदरजीत सिह (एथलेटिक्स), खुशबीर कौर (एथलेटिक्स), शिवा थापा (मुक्केबाजी) जैसे आदर्श खिलाड़ी शामिल है।
चयनित होंगे खिलाड़ी बढ़ेगा हौसला:
- ‘गर्व है’ के तहत 29 राज्यों के 100 भारतीय शहरों में 5000 इच्छुक आवेदकों में से 15 अधिक खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
- दीर्घकालिक इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के ज़रिए टोक्यो ओलंपिक 2020/2022 एशियाई और काॅमनवेल्थ खेल के लिए एथलीटों के तीन सेट्स तैयार किए जाएंगे और भविष्य के लिए जूनियर एथलीट्स
- इस प्रोग्राम के लिए वो खिलाड़़ी पात्र होंगे जो निशानेबाजी, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और कुश्ती की तैयारी कर रहे हैं।
- इसका उद्देश्य आर्थिक रुप से कमज़ोर पृष्ठभूमि वाले विश्वस्तरीय एथलीट्स को खोजना और उन्हें तैयार करना है।
- 2016 में गर्व है पायलट प्रोजेक्ट के लाभार्थियों में अंकिता रैना (टेनिस), पिंकी जांगड़ा (मुक्केबाजी), संजीवनी जाधव (एथलेटिक्स), मलईका गोयल (निशानेबाजी), मनदीप जांगड़ा (मुक्केबाजी), इंदरजीत सिंह (एथलेटिक्स), खुशबीर कौर (एथलेटिक्स), शिवा थापा (मुक्केबाजी) जैसे आदर्श खिलाड़ी शामिल है।







