- सोमवार रात कई रूटों पर बस ड्राइवरों की हुई जांच, दुरुस्त मिले
- बस दुर्घटनाएं रोकने के लिए नशेड़ी ड्राइवरों पर कसेगा वैिक
लखनऊ,17 जुलाई 2019: सड़क हादसों से सबक लेते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लेते कहा कि नशेड़ी बस ड्राइवरों की अब खैर नहीं होगी! यदि वह जांच में शराब के नशे में पाए गए तो बड़ी कार्रवाई से उन्हें गुजरना पड़ेगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नशेड़ी ड्राइवरों पर वैिक कसना शुरू हो गया है। सोमवार को रोडवेज के नये एमडी राजशेखर ने कार्यभार संभालने के बाद से ही हादसों में कमी लाने के प्रयास में जुट गये है।

सोमवार रात लखनऊ से विभिन्न रूटों पर रवाना हुई बसों के चालकों का ब्रीथ एनलाइज टेस्ट किया गया। मौके पर यदि कोई ड्राइवर शराब पीकर या नशा कर बस चलाता मिला तो उसे वहीं से घर भेज दिया जाएगा और दूसरे ड्राइवर के जरिये बस को आगे रवाना किया जाएगा।
चारबाग डिपो के एआरएम अमरनाथ सहाय ने सफेदाबाद के पास इस अभियान की शुरुआत की। इस मार्ग से आवागमन करने वाली परिवहन निगम की बसों के चालकों की ब्रीथ एनलाइजर से जांच की गयी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एआरएम ने जानकारी दी कि इस दौरान इस मार्ग से आवागमन करने वाली करीब 20 बसों के चालकों की जांच की गयी। इस दौरान कोई भी चालक चेकिंग दस्ते को शराब के नशे में नहीं मिला। क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि चालक बिना नशे की हालत में बसों का संचलन करें।
इस सम्बंध में मुख्यालय से भी इस विशेष निर्देश दिए गए हैं। प्रतिदिन परिक्षेत्र के विभिन्न मागोर्ं पर चालकों की ब्रीथ एनलाइजर के माध्यम से औचक जांच कराए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सप्ताह के सभी अलग-अलग दिनों में बसों की जांच करने के लिए अलग-अलग सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को नामित किया गया है। यह सभी एआरएम अपने नामित दिनों में विभिन्न मागों पर चालकों की जांच करेंगे। जिससे की यात्रियों का सफर और ज्यादा सुरक्षित हो सके।







