लखनऊ : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के निकट फिरोजपुर, रोहतक, शाहजहाँपुर, कानपुर, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर स्थानांतरित हो गई है। इससे गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी प्रवाह सुदृढ़ हुआ है।
मौसम प्रणालियाँ और प्रभाव
दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में तथा दक्षिण-पूर्वी भाग पर ऊपरी क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश में सक्रिय मानसून परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।
अगले चार दिनों का पूर्वानुमान
IMD के मुताबिक, आगामी चार दिनों तक विशेष रूप से प्रदेश के दक्षिणी भागों में सक्रिय मानसून के कारण भारी वर्षा हो सकती है। उत्तरी और संलग्न मध्यवर्ती क्षेत्रों में मानसूनी वर्षा अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के अलर्ट जारी किए गए हैं।
पिछले 24 घंटों की वर्षा
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। IMD आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ कंट्रोल रूम (अलीगंज) में करीब 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इटावा में 130 मिमी तक वर्षा हुई।
प्रादेशिक वर्षा स्थितिपिछले कुछ दिनों की व्यापक बारिश के बाद प्रदेश का वर्षा विचलन अब -21 प्रतिशत पर आ गया है (1 जून से 6 अगस्त 2026 तक वास्तविक 315.8 मिमी के मुकाबले सामान्य 401.9 मिमी)। यह सामान्य श्रेणी (-19 से +19 प्रतिशत) से मात्र दो प्रतिशत कम है। इससे पहले यह विचलन अधिक था। बता दें कि इस मौसम गतिविधि के चलते लोगों के मोबाइल पर मौसम विभाग के अलर्ट संदेश लगातार पहुंच रहे हैं।







