नई दिल्ली,28 अगस्त 2019: जम्मू-कश्मीर मसले पर इमरान खान ने हर चाल नाकाम होते देख अब भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दी है इस बीच कांग्रेस के राहुल गाँधी ने कहा कि पकिस्तान इस मसले पर चुप ही रहे तो बेहतर है। क्योंकि कश्मीर भारत का अभिन्नं अंग है और अपने देश की रक्षा हम करना जानते हैं।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की एक और कोशिश भी नाकाम साबित हुई, जिससे खफा इमरान खान ने परमाणु युद्द कि धमकी दे डाली। मालूम हो कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ इस मुद्दे पर भारत का पक्ष सामने रखा। साथ ही, दुनिया को यह भी बता दिया कि भारत-पाकिस्तान के मसलों में किसी मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।
फ्रांस के बियारिज में जी-7 की बैठक से इतर मोदी ने ट्रंप को साफ बता दिया कि पाकिस्तान के साथ मसले पूरी तरह दो पक्षीय हैं। इसमें किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। सबसे ताकतवर देशों के मंच से मोदी ने यह भी बताया कि कश्मीर का हाल पूरी तरह काबू में है, जिसकी पुष्टि खुद ट्रंप ने की।
कश्मीर में तीसरे की गुंजाइश नहीं:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत और पाकिस्तान 1947 से पहले साथ थे और उन्हें विश्वास है कि दोनों पड़ोसी अपनी समस्याओं पर र्चचा कर उनका समाधान कर सकते हैं।
मोदी ने कहा, चुनावों के बाद जब मैंने प्रधानमंत्री खान से बात की तो मैंने उन्हें बताया कि पाकिस्तान को गरीबी के खिलाफ लड़ना है, भारत को भी इससे लड़ना है। पाकिस्तान को अशिक्षा और बीमारी से लड़ना है और भारत को भी उनसे मुकाबला करना है..मैंने उन्हें बताया कि हमें अपने लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।
अगर युद्ध हुआ तो यूएन की जिम्मेदारी होगी: इमरान खान
मध्यस्थता से अमेरिका के पीछे हटने से निराश पाकिस्तान ने एटमी जंग की धमकी दी। देश के नाम संबोधन में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने कहा कि कश्मीर के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे। दोनों तरफ परमाणु हथियार हैं। अगर युद्ध हुआ तो दोनों देशों के साथ पूरी दुनिया तबाह होगी। यूएन की जिम्मेदारी है कि कमजोर के साथ खड़े हों, लेकिन वह हमेशा ताकतवर का साथ देता है। आज दुनिया की ताकतें और मुसलमान देश भी मजबूरी के कारण हमारे साथ नहीं हैं।
मुझे भी लगता है कि भारत और पाक इसका समाधान कर सकते हैं। – डॉनल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
हम दोनों समाधान कर सकते हैं। किसी तीसरे देश को कष्ट नहीं देना चाहते हैं। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री







