जीवन की वास्तविकता:
कामयाबी के दरवाजे उन्हीं के लिए खुलते हैं।
जो उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं।
निभाने के काबिल होता है
ख़ुद मझधार में होकर भी,
जो दूसरों का साहिल होता है!
ईश्वर ज़िम्मेदारी उसी को देता हैं,
जो निभाने के काबिल होता है।
मन से ज्यादा ‘ऊपजाउ’ जगह और कोई नही हैं
मन से ज्यादा ‘ऊपजाउ’ जगह और
कोई नही हैं !
क्योंकि यहाँ जो कुछ “बोया” जाये, बढता ज़रूर हैं !!
फिर चाहे वो “प्यार” हो…..।
या “विचार” ………।।
रेफरी मत बनो:
जीवन में ऐसे खिलाड़ी
बनो जो गोल( उद्धेश्य प्राप्ति )
के लिये दौड़ता है ll
रेफरी मत बनो जो
गलतियाँ ढूँढने के लिये
ही दौड़ता है ll







