लखनऊ के राजाजीपुरम में तीन दिवसीय कार्यक्रम का भव्य समापन
लखनऊ। सिख इतिहास के तीसरे गुरु श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व को सेवा सुरति दिवस के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
श्री दशमेश गुरु सिंह सभा, राजाजीपुरम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की पूर्णाहुति के बाद भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इसमें प्रसिद्ध रागी भाई गुरमन दीप सिंह (लखनऊ) और भाई मनप्रीत सिंह (दिल्ली) ने गुरुवाणी के मधुर रागों से श्रद्धालुओं को गुरु की भक्ति में लीन कर दिया।
सेवा सम्मान
इस अवसर पर लखनऊ की विभिन्न सिख संस्थाओं और व्यक्तियों को सेवा सुरति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें सिख यंगमैन एसोसिएशन, गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल, केकेएनएस संगीत अकादमी, बाबा दीप सिंह सेवा सोसाइटी के साथ ही मनजीत सिंह तलवार, सतनाम सिंह सेठी, सरबजीत सिंह, कवि अजीत सिंह, आत्मजीत सिंह और देवेंद्र सिंह बग्गा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सेवा की नई पहल
सभा के अध्यक्ष मनजीत सिंह अबरोल, सचिव सतविंदर सिंह साहनी और धार्मिक सचिव डॉ. सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस पावन अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गुरुद्वारा राजाजीपुरम के रागी और सेवादारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी।
ऐतिहासिक क्षण
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा राजाजीपुरम का नींव पत्थर रखा गया, जो सभा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। समागम की समाप्ति गुरु का अटूट लंगर वितरित कर की गई।
यह आयोजन न केवल गुरु अमरदास जी की शिक्षाओं जिसमें सेवा, समानता और नाम सिमरन को याद दिलाता है, बल्कि समाज में सक्रिय सेवा भावना को भी प्रोत्साहित करता है।







