महिला सुरक्षा की गुहार लगा सकते हैं वक्फ बोर्ड चैयरमैन
नवेद शिकोह
शिया वक्फबोर्ड के चैयरमैन वसीम रिज़वी के विवादित बयानों ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवायी है। मुस्लिम समाज की खास हस्तियों और आम मुस्लिम समाज वसीम रिजवी के बयानों पर काफी दिनों से क्रोधित है। यूपी के बड़े धार्मिक नेता और उलमा सरकार से वसीम पर तमाम आरोपों और शिकायते कर कर के थक चुके हैं। वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को फर्श से अर्श पर लाने के लिए एक बड़े शिया मौलाना को सरकार के पक्ष में आना पड़ा, फिर भी सरकार ने वसीम रिजवी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।
इस दौरान उनकी हिम्मत और हौसले बढ़ते रहे। विविदित बयानों की सिरीज चलाकर वो मशहूर भी होते रहे और उनका कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता रहा। जिस निगेटिव प्रचार ने वसीम को बनाया पर अब ऐसा ही एक बयान उन्हें मंहगा पड़ सकता है!
मौजूदा हालात को देखते हुए रिज़वी साहब के लिए बहुत जल्द महिला सुरक्षा का इंतज़ाम होना चाहिए है। बताया जाता हैं कि अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए उन्होंने शासन से गुहार लगाई है।
उनके मौजूदा बयान को लेकर आम महिलाएं काफी आक्रोशित नज़र आ रही हैं। पुरुष सुरक्षा कर्मी बचाव में महिलाओं को रोक पाने या उन्हें क़ाबू में लाने में अक्षम साबित होते हैं। ख़ासकर परदानशीन महिलाओं को रोक पाना काफी संवेदनशील होता है।
गौरतलब है कि अक्सर महिलाएं अपने अपमान का बदला चुकाने के लिए दूसरे को अपमानित करने के लिए प्रतिकात्मक रुप से जूते-चप्पल का इस्तेमाल करने लगती हैं। धरने पर बैठी महिलाओं को बदकिरदार (चरित्र हीन) कहने का बयान देने के बाद महिलाओं में काफी आक्रोश नजर आ रहा है।
मुंह में काला रंग पोतने, चूड़िया पहनाने जैसे प्रतिकात्मक विरोध जताने की बात महिलाओं द्वारा की जा रही है। और इस तरह महिलाओं द्वारा निगेटिव प्रतिकार की खबरें या वीडियो किसी भी शख्सियत की गरिमा और उनकी शोहरत को धूमिल कर देते है।







