अभी से तैयारी में जुट गया है संगठन, बन रही कार्य योजना
उपेंद्र नाथ राय
यूपी विधानसभा के चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा दस मुद्दों को लेकर चुनाव में जाने की तैयारी कर रही है। इनमें रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, कृषि एवं किसान, प्राथमिक व उच्च शिक्षा, सुशासन एवं पारदर्शी सरकार, कानून व्यवस्था, जल प्रबंधन एवं पर्यावरण, नवीनीकृत ऊर्जा, गो संरक्षण एवं समयबद्ध भर्ती है। इसको लेकर भाजपा संगठन तैयारी में जुट गया है।
इसमें सर्वाधिक पूर्वांचल, पश्चिम और बुंदेलखंड के साथ ही विन्ध्य क्षेत्र की रफ्तार बढ़ाने में जुटी सरकार सड़क, ऊर्जा, शिक्षा और सुशासन को प्रमुख रूप से उठाएगी। इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गयी है। पार्टी संगठन ने हर मंत्रालय से उसके पांच अच्छे कामों की सूची भी मांगी है। उसके बाद उसकी जमीनी हकीकत का पता लगाएगी, फिर चुनाव में उसको मुद्दा बनाएगी।
जहां पहले मिड-डे-मिल तक था सीमित, वहीं आज कांवेंट की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में हो रही पढ़ाई अभी से दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में भारतीय जनता पार्टी का संगठन जुट गया है। इस बीच सबसे ज्यादा काम सड़कों और बेसिक शिक्षा के साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में हुआ है। यह जमीन पर लोगों के बीच भी होता हुआ दिख रहा है। इस कारण इसे प्रमुख रूप से ज्यादा प्रचारित करने पर पार्टी रणनीति बना रही है। पूर्व में परिषदीय विद्यालय जहां एक ओर सिर्फ मिड-डे मिल तक सीमित हो गया था, वहीं आज हर जिले में कई विद्यालय मिल जाएंगे, जहां पर कान्वेंट की तर्ज पर अच्छा पठन-पाठन का माहौल है। कई नूतन प्रयोग भी प्रदेश सरकार ने इसके लिए किए हैं।
“यस सर, मैडम गुड मार्निंग”:
परिषदीय विद्यालयों में सुनने को मिल जाते यस सर, गुड मार्निंग हर जिले में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल, “यस सर, मैडम गुड मार्निंग” बोलते बच्चे परिषदीय स्कूलों में भी देखे जा सकते हैं। योगा आदि से शारीरिक दृष्टि से भी बच्चों में सुधार देखने को मिल रहा है। कई जिलों में भाजपा के संगठन से जुड़े लोगों ने भी परिषदीय विद्यालयों को गोद लेकर उसको सजाया और संवारा है।
पहले 24-24 घंटे गांवों में नहीं आती थी बिजली, अब संतुष्ट नजर आ रहे लोग उधर ऊर्जा के क्षेत्र में भी जहां एक ओर सपा के शासन काल में 24-24 घंटे तक गांवों में बिजली नहीं आती थी। वहीं आज लोग बिजली को लेकर संतुष्ट नजर आ रहे हैं। बिजली की कहीं से शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी देखने को मिलती है। इस कारण सरकार इसको भी विधानसभा में जोर-शोर से मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है।
पूर्वांचल, बुंदेलखंड व विन्ध्य क्षेत्र में सड़कों पर दिया जोर सडक के मुद्दे पर तो भाजपा हमेशा सक्रिय रही है लेकिन प्रदेश की सरकार बनने के बाद पूर्वांचल, विन्ध्यांचल, बुंदेलखंड पर विशेष जोर दिया गया, जहां पर कभी सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। सत्ता की कृपा भी भेद से बरसी, लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हर क्षेत्र से बंपर सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संदेश पर चलते हुए अपने चार कदमों से पूरे उत्तर प्रदेश की परिक्रमा करने चली है।
बुंदेलखंड जहां बदहाली की प्रसिद्ध थी कहानी, वहां खुशहाली महसूस कर रहे लोग बुंदेलखंड पर किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया था। इस कारण वहां बदहाली की हमेशा खबरें आती थी लेकिन सरकार का बुंदेलखंड पर विशेष बरदहस्त है। इस सूखे अंचल के सात जिलों में पाइप लाइन से पानी पहुंचाने का प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है, जिस पर अगले माह काम शुरू होने जा रहा है। सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की घोषणा कर दी थी। चित्रकूट में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास भी कर दिया। इस तरह से सरकार ने रोडमैप तैयार किया है, उस लिहाज से यह उसका पहला कदम है। इसके बाद एक्सप्रेस-वे की तीन बड़ी परियोजनाएं पूरे उत्तर प्रदेश को रफ्तार की राह पर एक साथ ला खड़ा करेंगी। इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब तक के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेस-वे का काम भी जल्द ही शुरू होने वाला है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा इस संबंध में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि सुशासन, विकास और लोक कल्याण ही हमारी सरकार का मूल मंत्र है। इसको लेकर ही हम चुनाव में उतरेंगे। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां बेहतर काम नहीं हुआ है। आज किसान, मजदूर, व्यापारी सभी सरकार के कामों से राहत महसूस कर रहे हैं। अपराधी जेल की सलाखों में जा रहे हैं। ऐसे में हर व्यक्ति खुद ही सुकून महसूस कर रहा है।







