सोनाली कुलकर्णी अभिनीत 23 मिनट की शॉर्ट फिल्म का ट्रेलर रिलीज, माँ-बेटी के रिश्ते और पीढ़ियों से चली आ रही सोच पर उठाए गए सवाल
मुंबई। माँ-बेटी के रिश्ते में प्यार और जिम्मेदारी के साथ पुराने अनुभवों और सामाजिक दबावों का कितना असर पड़ता है? फिल्ममेकर नीरू शर्मा की आगामी शॉर्ट फिल्म ‘लाइक माँ’ इसी सवाल के जरिए बचपन के मानसिक आघात, परवरिश और पीढ़ियों से चली आ रही सोच को सामने लाती है। सोनाली कुलकर्णी अभिनीत 23 मिनट की इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है।
मेरठ के एक उच्च-मध्यमवर्गीय मोहल्ले की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में 36 वर्षीय गृहिणी अंजना की कहानी दिखाई गई है। वह परिवार की जिम्मेदारियों और समाज में प्रतिष्ठा बनाए रखने के बीच अपनी किशोर बेटी की भावनाओं और जरूरतों को समझने की कोशिश करती है। कहानी इस बात पर सवाल उठाती है कि परिवार की इज्जत और समाज के डर के कारण कहीं बच्चों की परेशानियों को अनदेखा तो नहीं कर दिया जाता।
फिल्म में सोनाली कुलकर्णी अंजना की मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उनका कहना है कि बचपन के दुखद अनुभवों का असर बड़े होने, शादी करने और मां बनने के बाद भी व्यक्ति के मन में बना रह सकता है। फिल्म ऐसे अनुभवों को पहचानने और उनसे उबरने की जरूरत पर ध्यान दिलाती है।
नीरू शर्मा ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन और निर्माण भी किया है। फिल्म का एक प्रमुख सवाल यह है कि क्या माता-पिता अनजाने में अपने बच्चों के साथ वही व्यवहार दोहराते हैं, जो उन्होंने अपने बचपन में देखा या सहा था? फिल्म इसी सिलसिले में परवरिश, सामाजिक संस्कारों और पीड़ित को ही दोषी ठहराने वाली मानसिकता पर चर्चा करती है।
‘लाइक माँ’ में मेहदी खान, मेहान सोनी, स्मिता इनामदार, ऐश्वर्या मनोहर, हिशा जोशी, नंदिनी शर्मा, कोमल खिमसरिया और अयाज़ खान भी विभिन्न भूमिकाओं में नजर आएंगे।
निर्वाणा क्रिएशन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता राजीव पाराशर हैं। आकाश सेठी ने सिनेमैटोग्राफी, संदीप कुरुप ने संपादन और कौशल महावीर ने संगीत की जिम्मेदारी संभाली है। रुचा देवघारकर फिल्म की प्रोडक्शन डिजाइनर हैं।
फिल्म का केंद्रीय विचार यह है कि बचपन के अनसुलझे जख्म और परिवार से सीखे गए व्यवहार अगली पीढ़ी को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में बच्चों की भावनाओं को समझना, उनसे खुलकर बात करना और पुरानी सोच पर सवाल उठाना जरूरी है।







