लखनऊ . समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से आए कई नेताओं और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई। पार्टी में शामिल होने वालों में पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी और दारा सिंह प्रजापति प्रमुख रूप से शामिल रहे।
नए साथियों के आने से मजबूत हुआ PDA परिवार
अखिलेश यादव ने न शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, और इन नए साथियों के आने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक की राजनीति में हलचल मच गई है। उन्होंने कहा कि आज की इस जॉइनिंग से पूरे यूपी में एक बड़ा संदेश गया है और “पीडीए” (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यत) परिवार का दायरा और बड़ा हुआ है।
अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा, “जिनके साथ दारा होंगे, वही अखाड़ा जीतेंगे।” उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी नए साथियों और उनके समर्थकों को पूरा राजनीतिक सम्मान दिया जाएगा।
वादे और बड़े ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख ने कई बड़े वादे भी किए:
- सार्वजनिक अवकाश: समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा और इसे बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
- आउटसोर्सिंग का खात्मा: उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग सेवा के जरिए वाल्मीकि समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सपा सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त करने का काम किया जाएगा।
वोटर लिस्ट में धांधली और गड़बड़ी के आरोप
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोटर लिस्ट में हेराफेरी, धांधली और वोट की डकैती करने से बाज नहीं आ रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे-जैसे वोटर लिस्ट की जानकारी मिल रही है, बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं – एक नाम और कई जिलों में एंट्री मिली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “सुनीता पत्नी राजेश” की ऐसी 2341 एंट्री और “राजकुमारी पत्नी राजकुमार” की 1627 एंट्री पूरे प्रदेश में मिल रही हैं, जिससे साफ है कि वोटर लिस्ट के साथ मजाक किया जा रहा है।
सपा की बड़ी मांग: वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ा जाए
धांधलियों को रोकने के लिए सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के सामने एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए ताकि बायोमीट्रिक पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग को यह फैसला लेना चाहिए ताकि चुनाव में कोई गड़बड़ी न बचे और संविधान की रक्षा की जा सके।







