- शुक्रवार को हुई बूंदाबादी ने बढ़ा दी थी किसानों की धड़कन
- मौसम विभाग ने कहा, एक सप्ताह तक नहीं खराब होगा मौसम, बढ़ेगा तापक्रम
लखनऊ, 29 मार्च, 2020: यूपी सरकार द्वारा खेती-किसानी को आवश्यक सेवाओं में शामिल करने और जागरूकता के बाद किसानों ने फसल काटना शुरू कर दिया है। मौसम खराब होने के कारण किसानों की धड़कने बढ़ गयी थीं, लेकिन शनिवार को सुबह हल्का बादल के बाद तेज धूप से किसान खुश नजर आए।
उधर मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक मौसम बिल्कुल साफ रहने के साथ ही तापमान में भी वृद्धि होगी। ऐसे में किसानों को चिंता करने की कोई बात नहीं है। अब वे आराम से फसल को काट सकते हैं।

यूपी मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने शनिवार को बताया कि अब मौसम खराब होने की संभावना नहीं बन रही है। पूरे सप्ताह तापमान बढ़ा रहेगा। पूरे यूपी में बादल नहीं दिखेगा। ऐसे में किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान में निम्नदाब हो जाने के कारण बादल और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो गयी।
इस बीच कई जगहों से खबर आयी थी कि पुलिस खेतों में भी कटाई करने से रोक रही है। इस बीच किसान व मजदूर भी कोरोना को लेकर भयभीत थे और खेतों में रबी की फसल सूख कर बर्बाद हो रही थी लेकिन शुक्रवार को यूपी सरकार द्वारा सभी जिलाधिकारियों को खेती-किसानी व कृषि की दुकान को भी आवश्यक सेवा में शामिल किये जाने के आदेश के बाद रबी के फसल की कटाई तेज हो गयी।
कोल्ड स्टोरेज का कराया जा रहा सेनेटाईजेशन
उद्यान विभाग ने शनिवार को शासन को अवगत कराया कि सभी कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। उनका सेनिटाईजेशन कराया जा रहा है। किसानों को आलू रखने में कोई समस्या नहीं आ रही है। इस कार्य के लिए श्रमिकों को भी जिला प्रशासन द्वारा कार्य करने की अनुमति दी जा रही है।
दो अप्रैल से शुरू हो जाएगी सरसो, चना व मसूर की खरीद
उधर भारत सरकार ने भी राज्य सरकार के अनुरोध पर मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रदेश के सरसों, चना व मसूर दाल के क्रय हेतु अनुमति प्रदान कर दी गयी है। इसके अंतर्गत 2.64 लाख मिट्रिक टन सरसो, 2.01 लाख मिट्रिक टन चना व 1.21 लाख मिट्रिक टन मसूर किसानों से सरकार सीधे क्रय कर सकेगी। यह खरीदने की प्रक्रिया दो अप्रैल से शुरू होकर 90 दिनों तक चलेगी। क्रय सहकारिता विभाग के अधीन एजेंसी द्वारा कराया जाएगा।
बीमा कंपनियों को जल्द नुकसान का आंकलन करने का निर्देश
इस बीच महामारी के डर के बीच बीमा कम्पनियों को भी मार्च माह में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के कारण हुए रबी की फसल के नुकसान का जल्द आकलन कर किसानों को समय सीमा के भीतर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग व बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों को पास देने के लिए जिलाधिकारियों को शासन ने निर्देश दे दिया है, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो सके। क्लेम के लिए 90 हजार किसानों के पत्र बीमा कंपनियों को प्रेषित किये गये हैं।







