विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सीएम योगी के फैसले का जताया आभार, कई मांगें रखीं
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य सरकार के कर्मचारियों के भत्तों में की गई वृद्धि का विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने स्वागत किया है। समिति ने इसे कर्मचारी हितैषी और सराहनीय कदम बताया।
ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों को भी समान लाभ की मांग
संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और अन्य ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों, खासकर निम्न वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में भी राज्य सरकार की तर्ज पर तुरंत वृद्धि की जाए। बढ़ती महंगाई के इस दौर में हजारों बिजली कर्मचारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। इसलिए उन्हें भी समान राहत मिलनी चाहिए।
संविदा कर्मियों की पुरानी मांग दोहराई
समिति ने यह भी जोर दिया कि अत्यंत कम वेतन पर काम कर रहे संविदा कर्मियों को बिना देरी के आउटसोर्स निगम में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
आंदोलन के बाद की कार्रवाइयां वापस लें
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं के खिलाफ शुरू की गई सभी दंडात्मक और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तुरंत समाप्त किया जाए। साथ ही आंदोलन के दौरान हटाए गए संविदा कर्मियों को भी तत्काल सेवा में बहाल किया जाए।
सीएम पर जताया विश्वास
समिति ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति बिजली कर्मचारियों का पूरा भरोसा है। जिस संवेदनशीलता से उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया है, उसी मानवीय दृष्टिकोण से ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की लंबित समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
समिति का मानना है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से इन मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, विद्युत व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।







