अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा ने इस साजिशन घटना की निंदा की

लखनऊ, 22 अप्रैल, 2020: इस विश्वव्यापी महामारी के दौरान टांडा में 20 अप्रैल को जो कुछ भी घटित हुआ वह भी मानवीय संवेदनहीनता के इतिहास में जरूर जोड़ा जायेगा। गरीबों का हक इस दुःखद वक्त में भी मारना संवेदनहीनता की ही तो पराकाष्ठा है। प्रशासन को जल्द से जल्द विधायक प्रतिनिधि के ऊपर दर्ज फर्जी मुकदमों को हटाते हुए, दो गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को भी छोड़ने की कारर्वाई करनी चाहिये। ये बातें अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने संयुक्त रूप से कहीं। यदि गरीब कोई शिकायत अपने चुने प्रतिनिधि या शासन या प्रशासन से करते हैं तो इसमें गलत ही क्या है? और अगर कोई जनप्रतिनिधि जनता के हकों का ख्याल रखता है तो भी क्या गलत है?

महासभा के राष्ट्रीय महासचिव केपी गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग बीजेपी विधायक प्रतिनिधि के पास वहाँ के एक कोटेदार की शिकायत लेकर आये थे कि जावेद राशन में घटतौली कर राशन का वितरण कर रहा है। ये बातें सुनकर विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्ता ने सप्लाई इंस्पेक्टर को लेकर बसखारी के कोटेदार जावेद की दुकान जा पहुँचे। और जो देखा-परखा वो जनशिकायतों को ही सही दर्शा रहा था। जिस पर प्रतिनिधि ने कारर्वाई की बात कह कर पास के गाँवों में लोगों को राहत सामग्री बाँटने चले गये। कोटेदार को यह डांट नागवार गुजरी और उसने जिला कोटेदार संघ को झाँसे में लेकर राशन की दुकानें बंद करने की धमकी देते हुए, प्रशासन पर दबाव बनाते हुए फर्जी लूट व डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया जिस पर प्रशासन ने दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना के विरोध में व्यापार संगठनों, वहाँ के बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ अखिल भारतीय कसौंधन वैश्य महासभा में भी रोष व्याप्त है, महासभा के राष्ट्रीय महासचिव केपी गुप्ता, संगठन मंत्री रामप्रताप गुप्ता, बाँदा जिला के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, महामंत्री एड. अशोक कुमार गुप्ता व प्रदेश के अन्य कई जिलों से भी महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन से उचित न्याय की माँग की है। दोषियों के खिलाफ कारर्वाई की माँग करते हुए दो गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को भी छोड़ने की माँग की है। घटना के दो दिन बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन ने आज 22 अप्रैल को बसखारी के कोटेदार का कोटा निलंबित कर दिया है।
- राहुल कुमार की रिपोर्ट







