लखनऊ। चिनहट इलाके में मंगलवार को हड़कंप मच गया। मचता भी क्यों न, पुलिस को एक बिल्ंिडग में आतंकियों के छुपे होने की गुप्त सूचना जो मिली थी। एडीजी जोन, एसएसपी एसटीएफ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनन-फानन में मौके पर पहुंच गए। डॉग स्क्वॉयड व फॉरेंसिक टीम बुलायी गयी। करीब ढाई घण्टे तक सर्च आॅपरेशन चला लेकिन आतंकी नहीं मिले। अधिकारियों ने सूचना फर्जी बतायी तब जाकर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस दौरान पुलिस को वहां से कई असलहे, कारतूस, मोबाइल व अन्य सामान मिला। कॉल सेंटर पूर्व सीएम के ओएसडी के भाई का निकला। असलहे उनके सुरक्षा कर्मियों के थे। जिसने लाइसेंस दिखाए उसे असलहे पुलिस ने लौटा दिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है, पर इस सूचना से काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग अपने-अपने मकानों में दुबके रहे, यही नहीं फैजाबाद रोड पर लम्बा जाम लग गया।
अजय नगर कमता में बस्ती के रहने वाले राकेश श्रीवास्तव की तीन मंजिला बिल्ंिडग है। उसमें वो क्वांटम वर्ल्ड कॉल सेंटर चलाते हैं। यहां 150 से अधिक युवतियां काम करती हैं। राकेश के पास आधा दर्जन लग्जरी वाहन हैं। साथ ही तकरीबन दर्जन भर निजी सुरक्षाकर्मी भी हैं। हमारे प्रतिनिधि के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उनकी बिल्डिंग में आतंकी छुपे हैं। इस सूचना पर दोपहर करीब 12.30 बजे कई थानों की पुलिस के साथ एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद, एसएसपी एसटीएफ मनोज तिवारी, एसएसपी दीपक कुमार, एसपी क्राइम, एसपी उत्तरी अनुराग वत्स, एसपी टीजी हरेन्द्र कुमार, सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार सिंह के अलावा डॉग स्क्वॉयड, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ वहां पहुंचे। आला अफसरों की मौजूदगी में तीन मंजिला बिल्डिंग को पूरी तरह से खंगाला गया। करीब ढाई घण्टे तक चले सर्च आॅपरेशन में पुलिस के हाथ कोई आतंकी नहीं लगा। बाद में अधिकारियों ने बिल्डिंग में आतंकी होने की सूचना को फर्जी बताया। हालांकि इस दौरान उसके हाथ चार असलहे, 141 कारतूस, 10 मोबाइल, डीवीआर सिस्टम, कई लग्जरी वाहन लगे। जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। प्रभारी चिनहट अंजनी पाण्डेय ने बताया कि असलहे राकेश श्रीवास्तव के निजी सुरक्षाकर्मियों के हैं। इनमें एक सुरक्षाकर्मी को लाइसेंस दिखाने पर असलहा दिया गया है, जबकि बाकी लोगों का इंतजार किया जा रहा है। उनके लाइसेंस दिखाने पर असहले लौटाए जाएंगे। उनका कहना था मामले की छानबीन जारी है। बिल्डिंग में सिर्फ कॉल सेंटर चलता है। उनका कहना था कि राकेश श्रीवास्तव से पुलिस की बात हुयी है। राकेश पूर्व में चुनाव भी लड़ चुके हैं। फिलहाल इस सर्च आॅपरेशन के दौरान घण्टो अफरा-तफरी का माहौल चिनहट इलाके में देखने को मिला। पुलिस के लाउड स्पीकर से ऐलान करने के बाद लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे। जबकि फैजाबाद रोड पर वाहनो की लम्बी कतारे लग गयीं। हर शख्स पशोपेश में था लेकिन जब पुलिस ने आतंकियों के होने की सूचना फर्जी बतायी तब लोगों ने राहत की सांस ली।







