पायलट के कानूनी कदम बढ़ाने से मुश्किल में कांग्रेस
कांग्रेस के बागी बने पायलट ने कांग्रेस की मुश्किलें ऐसी बढ़ाई कि परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। यह बात राजस्थान में कांग्रेस की अंतर्कलह में अब सभी के सामने आ चुकी है। बता दें कि यहां प्रदेश में कांग्रेस जहां गहलोत-पायलट खेमे में बंट चुकी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि राजस्थान की सियासी मुद्दे के कानूनी रूप लेने के बाद दिल्ली में भी कांग्रेस दो गुटों में तब्दील हो गई है। इस गुटबाजी का सीधा फ़ायदा बीजेपी ले रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस विभाजित हो गई है। जानकारों की मानें, तो राजस्थान मामले की सुप्रीम कोर्ट में पहले दिन की सुनवाई से एक दिन पहले से ही कांग्रेस में इस मामले को कानूनी रूप देने को लेकर मतभेद की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल अब यह बताया जा रहा है कि कांग्रेस में राजस्थान के मसले को लेकर जहां अदालत से बाहर निकालकर राजनीतिक रूप से सुलझाने के पक्ष में दिखाई दे रहा हैं। ये लोग चाह रहे है कि कांग्रेस अपनी याचिका को वापस ले लें, ताकि इस मसले का राजनैतिक समाधान निकलाने की कोशिश की जाए। वहीं कांग्रेस के कुछ लोग अदालत में इस मामले को आगे ले जाने की सिफारिश कर रहे हैं।
बता दें कि राजस्थान के राजनैतिक संकट और विधानसभा स्पीकर की ओर से अधिकारों के हनन को लेकर लगाई गई याचिका पर देश का सर्वोच्च न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा। वहीं इससे पहले हाई कोर्ट में इस मामले में सचिन पायलट गुट और उनके गुट के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से दिए गए नोटिस को लेकर याचिका लगाई गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने मामले को यथास्थिति रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का इंतजार करने के लिए दोनों पक्षों को आदेश दिया था। जानकारों का कहना है कि राजस्थान में सचिन पायलट और उनके बागी विधायकों के अलग होने के बाद से ही लगातार राहुल गांधी की ओर से यह कोशिश की जा रही थी कि सचिन पार्टी में लौट आएं और आपस में सुलह कर लें।







