उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व ऊर्जामंत्री से उठाई मांग मामले पर हस्तक्षेप कर उठाए कठोर कदम
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने अपनी एक खोजपूर्ण रिपोर्ट में दावा कर कहा कि पावर कार्पोरेशन कुछ मामले में कितनी तेजी दिखाता है उसने कहा कि स्मार्ट मीटर भार जंपिंग की रिपोर्ट माननीय ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद आज 9 माह बीत जाने के बाद नहीं आई, जन्मास्टमी को भी स्मार्ट मीटर बत्ती गुल की रिपोर्ट आज तक नहीं आई एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल) को लीगल नोटिस भी भेज दिया। उसने कहा कि नियामक आयोग में मामला विचारधीन है लेकिन इन सबके बावजूद ईईएसएल को लगभग 6 करोड़ 86 लाख का पेमेंट देने के लिए बहुत ही तेजी से फाइल दौड़ रही जबकि इस समय जब ईईएसएल पर कठोर कार्यवाही होना चाहिए तो उसको करोड़ो का पेमेंट देने के लिए उच्चाधिकारी रात दिन एक किए है यह कैसा गोलमाल है परिषद ने कहा कि जब तक जाँच न सामने आ जाय पेमेंट देने का षड़यंत्र अपने आप में बहुत गंभीर मामला है।
इस मामले पर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा की स्मार्ट मीटर भार जंपिंग में जो सेम्पल स्मार्ट मीटर जाँच के लिए सेन्ट्रल पावर रिचर्च इंस्ट्यूट सीपीआरआई दिल्ली को भेजे गये थे उसमे से कुछ मीटरों की एक्यूरेसी में ही कमी है ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है की बिना जाँच रिपोर्ट फाइनल किए ईईएसएल को पेमेंट देने के लिए उच्चाधिकारी क्यों लगे है इस मामले पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री व ऊर्जामंत्री को हस्तक्षेप करते हुए ऐसे उच्चाधिकारियो के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए जो पेमेंट करने की साजिश में लगे है उन्होंने कहा कि इसी प्रकार पहले भी अनेकों फर्मो को पेमेंट दिलाने का खेल होता रहा है जिनके खिलाफ बड़ी अनियमितता का खुलासा हो चुका है।
परिषद अध्क्षय ने कहा आम जनता के मामले में कोई तेजी पावर कार्पोरेशन नहीं दिखता लेकिन एक ऐसी फर्म को पेमेंट दिलाने के पीछे पड़े है जिसके खिलाफ इतनी बड़ी जाँच चल रही है और पूरे प्रदेश की नजर उस पर है।







