सपा व बसपा ने सरकार को घेरा
रिपोर्ट -उपेंद्र नाथ राय: हाथरस की घटना पर यूपी सरकार पर रहस्यमय चुप्पी का आरोप लगाते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने इसे दुखद व चिंताजनक बताया है। वहीं डीएम के वहां रहते हुए निष्पक्ष जांच न हो पाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे लोग आशंकित हैं। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि इस कांड को अंजाम देने वाले अधिकारियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए, जिससे सच उजागर हो सके।
रविवार को दोपहर बाद बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी सरकार पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया कि हाथरस गैंगरेप काण्ड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक। हालाँकि सरकार सीबाई जाँच हेतु राजी हुई है, किन्तु उस डीएम के वहाँ रहते इस मामले की निष्पक्ष जाँच कैसे होे सकती है? लोग आशंकित है।
मृतका के परिजनों का नहीं बल्कि उन अधिकारियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए: अखिलेश
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि ‘हाथरस कांड’ में मृतका के परिजनों का नहीं बल्कि उन अधिकारियों का नार्को टेस्ट होना चाहिए, जिन्होंने इस कांड को अंजाम दिया, जिससे ये सच उजागर हो कि उन्होंने किसके ‘महा-आदेश’ पर ऐसा किया। असली गुनाहगार कितनी भी परतें ओढ़ लें लेकिन एक दिन सच सामने आयेगा और आज की सत्ता का राज जाएगा।
वहीं एक दूसरे ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा कि आज इलाहाबाद में ‘हाथरस की बेटी’ के लिए इंसाफ़ की गुहार लगाती सपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के ‘यूनिफ़ार्मवाले गुंडों’ ने जो अभद्रता की है, वह दर्शाती है कि भाजपाइयों की निगाह में नारी का कोई सम्मान नहीं हैं। भाजपा बेटी बचाओ की जगह ‘बेटी जलाओ’ के स्तर तक गिर गयी है।







