लखनऊ। साहिब श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी का 414वां प्रकाश पर्व सिख सेवक जत्थे की ओर से दिनांक मंगलवार को ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिण्डोला बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रात: कार्यक्रम आरम्भ हुआ जिसमें पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जित पांच प्यारों की अगुवाई में फूलों से सुसज्जित नवनिर्मित भव्य पालकी साहिब में विराजमान श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी को पुरूष, महिलाएं व बच्चे अपने कन्धों पर उठाकर कीर्तन, वाहिगुरू का जाप करते एवं फूलों तथा सुगन्धित इत्र की बरखा कर रहे थे।खालसा इण्टर कालेज के छात्र एवं गुरू नानक विद्यालय चन्दर नगर की छात्राएं अपनी-अपनी वर्दी में बैण्ड-बाजों तथा मधुर धुने बजाकर संगत का मन लुभा रहे थे। शबद चौकी उपरान्त फूलों एवं बिजली की झालरों के साथ सजाए गये दीवान हाल में श्री गुरू ग्रन्थ साहिब का प्रकाश किया गया। 20 को रखे गये श्री अखण्ड पाठ साहिब जी के पाठ की समाप्ति के उपरान्त विश्व विख्यात पंथ प्रसिद्ध भाई साहिब भाई गुरइकबाल सिंह बीबी कौलां जी भलाई केन्द्र श्री अमृतसर वालों ने अपनी मधुर बाणी में सभ सिक्खन को हुकम है, गुरू मानिओ ग्रन्थ शबद कीर्तन गायन कर समूह संगत को निहाल किया। रागी जत्था भाई राजिन्दर सिंह ने आसा दी वार का अमृतमयी कीर्तन गायन किया। मुख्य ग्रन्थी ज्ञानी दविन्दर सिंह ने श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी के प्रकाश पर्व पर श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी की बाणी का व्याख्यान किया। माता गुजरी सत्संग सभा की सदस्याओं, केकेएनएस अकेडमी के बच्चों ने भी इस कार्यक्रम में शबद कीर्तन गायन किया। रागी जत्था भाई सुरिन्दर सिंह बीबी कौलां भलाई केन्द्र अमृतसर वालों ने कीर्तन गायन किया।लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा ने साहिब श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी के प्रकाश पर्व पर भाई साहिब भाई गुरइकबाल सिंह एवं भाई सुरिन्दर सिंह मनी को गुरु धर का सम्मान सिरोपा एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। साथ ही सिख सेवक जत्थे द्वारा मनाये जाने वाले कार्यक्रमों के सहयोगी जत्थे बन्दियों की सराहना की और प्रकाश पर्व की बधाई दी। सिख सेवक जत्थे के अध्यक्ष हरविन्दर पाल सिंह नीटा ने प्रकाश पर्व के अवसर पर आमंत्रित रागी जत्थों, प्रचारकों एवं समूह साध संगत का आभार प्रकट किया। वहीं दीवान की समाप्ति के उपरान्त गुरू का लंगर समूह संगत में वितरित किया गया।







