14 अप्रैल, डॉ भीमराव आंबेडकर जयंती विशेष :
वैसे हम आप मे से लगभग सभी लोग अपना जन्म दिन मानते जरूर होंगे लेकिन हम आप में से कितने लोग जन्म दिन मनाने के कारणों की जानकारी रखते हैं। हमारे समाज मे किसी महापुरुष या प्रेरणा स्रोत व्यक्तियों के जन्म दिन मनाने का प्रचलन है लेकिन हमारे समाज के लगभग प्रत्येक घरों में किसी न किसी का विशेष कर बच्चों का जन्म दिन अवश्य मनाने का प्रचलन है। बच्चों के जन्मदिन मनाने के पीछे का कारणों को तो हम सहज ही अनुमान लगा सकते हैं लेकिन घर के बड़े लोगों के जन्मदिन मनाने के पीछे के कारणों से हम अनभिज्ञ हैं। हमारे समाज मे अनेकों महापुरुषों ने जन्म लेकर अपने कार्यों से समाज के लोगों को हदप्रद कर मानव समाज को उन्नत करने में अपना अमूल्य योगदान किया है इसलिये हम ऐसे महापुरुषों को सदैव याद रखने और उनसे प्रेरणा लेने के लिए उनका जन्मदिन मानते हैं।
ऐसे ही एक महापुरुषों में से डॉक्टर भीम राव आम्बेडकर जिन्हें डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से भी लोग जानते है, उनका जन्म 14 अप्रैल वर्ष 1928 को हुआ था उनके जन्म दिन को एक पर्व के रूप में भारत के अलावा दूसरे देशों में भी मनाया जाता है। उनके जन्म दिन को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में मनाने का चलन है, क्योंकी डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करते रहे इसलिये उन्हें समानता के प्रतीक और भारत के संविधान रचयिता के रूप में ज्ञान के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है।
डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर
विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन एवं उनकी प्रकांड विद्वता के कारण एवं उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए हम उनका जन्म दिन जयंती के रूप में मनाते है। डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की पहली जयंती “सदाशिव रणपिसे” नामक व्यक्ति द्वारा 14 अप्रैल वर्ष 1928 को पुणे शहर में मनाई गई थी। रणपिसे आंबेडकर के एक सच्चे अनुयायी थे। उनके जन्मदिन पर प्रतिवर्ष उनके लाखों अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमि महू (मध्य प्रदेश), नागपुर के बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, उनका समाधी स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानिय जगहों पर उन्हें स्मरण करने एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करने लिए एकत्र होते है। भारत मे सरकारी दफ्तरों और बौद्ध विहारों में डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मनाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया जाता है। सम्पूर्ण विश्व के 100 से भी अधिक देशों में आंबेडकर जयंती मनाई जाती है।
- प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती







