बीएचयू की आयुर्वेद संकाय की सहायक प्रोफेसर ने कहा, विपदा के जाते ही हम भुल जाते शरीर की देखभाल करना, यही हमारी कमजोरी
लखनऊ, 25 मई 2021: दुनिया में कोई ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं है, जिसे आज खाया कल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गयी। शारीरिक क्षमता को बढ़ाना है तो आपको निरंतर योग और खाद्य पदार्थ पर ध्यान देना होगा। यहां जन सामान्य यही गलती कर बैठता है, जब महामारी या अन्य विपदा सिर पर चढ़ जाती है तो लोग उससे बचाव के लिए तमाम तरह के उपाय करने लगते हैं लेकिन जैसे आपदा कम हुई लोग भुल जाते हैं। यही हाल कोरोना महामारी में भी है। ये बातें बीएचयू, वाराणसी के आयुर्वेद संकाय की सहायक प्रोफेसर डाक्टर मीरा अंतीवाल ने कही।
उन्होंने कहा कि पिछली बार भी जब कोविड-19 का संक्रमण सिर पर चढ़ गया तो लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तमाम तरह के उपाय करने लगे लेकिन जैसे ही आपदा कम हुई, लोग भूल गये। यदि सालभर लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सहजन, लहसुन, काढ़े आदि का प्रयोग करते रहते तो आज वह स्थिति नहीं आती, जो आज झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को अपनी आदत हमेशा के लिए बदलनी होगी। वैसे भी बदलते वातावरण में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना बहुत जरूरी है। इससे तमाम रोगों से मुक्ति मिलेगी।
डाक्टर मीरा अंतीवाल ने कहा कि यदि सुबह खाली पेट हर दिन चार या पांच जावा लहसुन खाया जाय तो तमाम रोगों से मुक्ति मिलने के साथ ही शारीरिक शक्ति का भी विकास होगा। लहसुन में एलिकिन नामक औषधीय तत्व पाया जाता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा लहसुन में विटामिन बी और विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में होती है। इसमें सेलेनियम, मैगनीज कैल्शियम जैसे तत्व भी पाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाने से इम्यूनिटी में ज्यादा वृद्धि होती है। इस पर लोगों को ध्यान देना चाहिए। सत्तु भी शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि सहजन विटामिन ए, सी, बी 1 (थियामिन), बी 2 (राइबोफ्लेविन), बी 3 (नियासिन), बी 6 और फोलेट से भरपूर होती हैं। वे मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस और जिंक में भी समृद्ध हैं। सहजन खाने से सभी आवश्यक तत्व शरीर को उपलब्ध हो जाते हैं।







