नयी दिल्ली, 13 अक्तूबर : नाबालिग पत्नी के साथ यौन संबंध को बलात्कार करार देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को सरकार द्वारा चुनौती दिए जाने की संभावना नहीं है और उसका मानना है कि यह फैसला बाल विवाह को हतोत्साहित करेगा।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से बाल विवाह पर काबू पाने में मदद मिलेगी क्योंकि इसने जरूरी कानूनी प्रतिरोधक तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले से खुश है और इसे चुनौती देने की संभावना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को फैसला दिया था कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ बनाए गए यौन संबंध को दुष्कर्म माना जाएगा।







