प्रदर्शन में हजारों शिक्षकों की रही भागीदारी, शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा
लखनऊ, 8 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर मंगलवार को लखनऊ के परिषदीय शिक्षकों ने विद्यालय मर्जर और अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष सुधांशु मोहन ने की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि, सहायक पुलिस आयुक्त, को सौंपा, जिसे माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ को प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन तत्काल मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा और प्रेषण रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में शिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- पुरानी पेंशन की बहाली: 01 अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित भर्तियों (विशिष्ट बीटीसी 2004, बीटीसी 2001 व 2004, उर्दू बीटीसी, आदि) में नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने के लिए शासनादेश जारी करना।
- विद्यालय मर्जर पर रोक: पेयरिंग/मर्जर की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और मर्ज किए गए विद्यालयों को निरस्त किया जाए।
- पदोन्नति और वेतनमान: प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समयबद्ध पदोन्नति और प्रोन्नत वेतनमान प्रदान किया जाए।
- सामूहिक बीमा: शिक्षकों का सामूहिक बीमा 10 लाख रुपये तक किया जाए।
अवकाश संबंधी मांगें: उपार्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार अवकाश, प्रतिकर अवकाश, और अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए। - विद्यालयों का समय: ग्रीष्मकाल में विद्यालयों का समय सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक किया जाए।
- गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति: शिक्षकों को बीएलओ जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
- मृतक आश्रितों की नियुक्ति: मृतक आश्रित बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शिक्षक पद पर नियुक्ति और सेवारत प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
धरने में प्रमुख वक्तव्यों ने कहा :
श्रीमती वंदना सक्सेना (प्रांतीय मंत्री):
पुरानी पेंशन बहाली को प्रमुख मुद्दा बताते हुए चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
फहीम बेग (जिला कोषाध्यक्ष):
01 अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित सभी पदों को पुरानी पेंशन से आच्छादित करने की मांग उठाई।
सुधांशु मोहन (प्रांतीय उपाध्यक्ष/जिला अध्यक्ष):
शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय और सरकार की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी धरना और रैली आयोजित की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह (जिला मंत्री):
धरने का संचालन करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक राजनीतिक हस्तक्षेप के लिए बाध्य होंगे।
अन्य संगठनों ने भी दिया समर्थन:
धरने को माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मिश्रा, महामंत्री नरेंद्र वर्मा, जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, और राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष सत्य प्रकाश मिश्रा ने भी समर्थन दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के गोसाईगंज अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष संदीप सिंह, काकोरी अध्यक्ष अजय सिंह, माल अध्यक्ष प्रदीप सिंह, चिनहट अध्यक्ष विजय कुमार, मोहनलालगंज अध्यक्ष आलोक शुक्ला, सरोजिनी नगर मंत्री धीरेंद्र कुमार, और महानगर मंत्री अभय प्रकाश सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे।
प्रदर्शन में हजारों शिक्षकों की भागीदारी:
लखनऊ जिले के हजारों परिषदीय शिक्षकों ने धरने में हिस्सा लिया, जिससे यह प्रदर्शन व्यापक और प्रभावी रहा। शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने का संकल्प दोहराया।
भविष्य की रणनीति:
सुधांशु मोहन और वीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो शिक्षक संघ प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर आंदोलन, रैली, और विधानसभा घेराव जैसे कदम उठाने को तैयार है।
लखनऊ के परिषदीय शिक्षकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों, विशेष रूप से विद्यालय मर्जर और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। ज्ञापन के माध्यम से मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई हैं, और शिक्षक संघ ने सरकार को त्वरित कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह आंदोलन शिक्षकों की एकजुटता और उनकी मांगों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।







