मामला गिरगांव चौपाटी कबूतरखाना विवाद का
मुंबई, 11 अगस्त 2025: मुंबई के गिरगांव चौपाटी स्थित कबूतरखाने में एक व्यक्ति पर कबूतरों को दाना डालने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई BMC के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत शहर में कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगाई गई है और 51 कबूतरखानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मामला क्या है: मुंबई के गिरगांव चौपाटी स्थित कबूतरखाने में एक व्यक्ति कबूतरों को दाना डाल रहा था,जिसके खिलाफ BMC ने कार्रवाई की और जुर्माना लगाया है
BMC ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरों को दाना डालने को सार्वजनिक उपद्रव और स्वास्थ्य जोखिम माना है। कबूतरों की बीट (मल) और पंखों से सांस की बीमारियां, जैसे फंगल इन्फेक्शन, अस्थमा और एलर्जी, फैलने का खतरा होता है, खासकर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में। इस कारण 3 जुलाई 2025 से BMC ने कबूतरखानों को बंद करने और दाना डालने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का अभियान शुरू किया। गिरगांव चौपाटी में हुई यह कार्रवाई उसी नियम के तहत की गई, जिसमें उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने और जुर्माना वसूलने का प्रावधान है।
क्यों हो रही है कार्रवाई?
स्वास्थ्य जोखिम: BMC और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कबूतरों की बीट से फेफड़ों की बीमारियां, एलर्जी और अन्य संक्रमण बढ़ रहे हैं। 2013 में एक BMC अधिकारी की कबूतर से टकराने के बाद मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु के बाद इस मुद्दे ने जोर पकड़ा।
बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला: 31 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को आदेश दिया कि कबूतरों को दाना डालने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, क्योंकि इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। 7 अगस्त 2025 को कोर्ट ने BMC की कार्रवाइयों पर कोई रोक नहीं लगाई और एक विशेषज्ञ समिति से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
कबूतरखानों पर प्रतिबंध: मुंबई में 51 कबूतरखाने, जिनमें दादर और गिरगांव चौपाटी जैसे ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं, बंद किए गए हैं। कुछ स्थानों पर BMC ने तिरपाल से ढकने और अवैध ढांचों को तोड़ने की कार्रवाई की।
क्या है विवाद और क्यों है विरोध: इस फैसले का जैन समुदाय और कुछ स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं। जैन धर्म में कबूतरों को दाना डालना जीव दया का हिस्सा माना जाता है, और इसे धार्मिक परंपरा का उल्लंघन बताया जा रहा है। दादर कबूतरखाने को ढकने के बाद तीन दिनों में 918 कबूतरों की मौत की खबर ने विवाद को और बढ़ा दिया। जैन समुदाय और कुछ नेताओं ने BMC के खिलाफ प्रदर्शन किया, और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने BMC को वैकल्पिक स्थान तलाशने के निर्देश दिए हैं।
BMC का रुख
BMC कमिश्नर भूषण गगरानी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए कबूतरखानों को नहीं हटाया जाएगा, लेकिन वैकल्पिक उपायों पर काम किया जा रहा है। 3 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक 250 लोगों पर 1.24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। गिरगांव चौपाटी और दादर जैसे क्षेत्रों में निगरानी के लिए CCTV भी लगाए गए हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त 2025 को होनी है, जिसमें विशेषज्ञ समिति के सुझावों और BMC के एक्शन प्लान पर विचार किया जाएगा। तब तक कबूतरों को दाना डालने पर प्रतिबंध और जुर्माना जारी रहेगा। यह मामला अब धार्मिक आस्था और जनस्वास्थ्य के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है।






