TET का बोझ हटेगा जल्द! सांसद ने PM-शिक्षा मंत्री को लिखा तुरंत पत्र
लखनऊ, 7 दिसम्बर 2025: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद लखनऊ को आज बड़ी राहत भरी खबर मिली है। संघ के जिलाध्यक्ष श्री सुधांशु मोहन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मोहनलालगंज (लखनऊ) के माननीय सांसद श्री राजेश कुमार चौधरी (आर.के. चौधरी) से मुलाकात कर 2011 से पहले नियुक्त हजारों शिक्षकों पर थोपी गई TET अनिवार्यता को हटाने की पुरजोर मांग की।
सांसद महोदय ने शिक्षकों की पीड़ा को गंभीरता से समझा और तुरंत सक्रिय कार्रवाई की :
- माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री जी को तत्काल पत्र लिखकर मांग को आगे बढ़ाया।
- शिक्षकों की नियुक्ति-कालीन योग्यता एवं सेवा शर्तों को ही मान्य रखने की बात पर पूर्ण सहमति जताई।
- उच्चतम न्यायालय में चल रहे मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने तथा सरकार से विधायी संशोधन/नया कानून बनाने के
- लिए सक्षम अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया।
- वर्तमान लोकसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरे जोर-शोर से उठाने का आश्वासन दिया।
- श्री चौधरी ने स्पष्ट कहा कि “जो शिक्षक अपनी नियुक्ति के समय की योग्यता पर भर्ती हुए थे, उन पर बाद में TET थोपना न्यायसंगत नहीं है। मैं इस अन्याय को खत्म करवाने के लिए पूरी ताकत लगाऊंगा।”

सांसद ने प्राथमिक शिक्षकों की TET अनिवार्यता हटाने की लड़ाई को दी नई ताकत
प्रतिनिधिमंडल में जिला मंत्री वीरेन्द्र सिंह, काकोरी अध्यक्ष अजय सिंह, गोसाईंगंज अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह यादव, मलिहाबाद अध्यक्ष अवधेश यादव, बख्शी-का-तालाब अध्यक्ष सावित्री मौर्य, सरोजिनीनगर मंत्री धीरेंद्र कुमार, चिनहट मंत्री प्रमोद कुमार, माल मंत्री जितेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष जगत नारायण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक संघ ने सांसद महोदय का हृदय से आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनके सक्रिय प्रयासों से प्रदेश के लाखों प्राथमिक शिक्षकों को जल्द ही यह बड़ी राहत मिलेगी। संघ ने कहा कि यह एक मजबूत और सकारात्मक कदम है। शिक्षक साथियों, हमारी एकजुटता रंग ला रही है! आशा है बहुत जल्द TET का यह अन्याय हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।






