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    मोहम्मद यूनुस है ‘कुत्ते की दुम’

    ShagunBy ShagunFebruary 19, 2026Updated:February 19, 2026 ब्लॉग No Comments6 Mins Read
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    Mohammad Yunus is a 'dog's tail'
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    अपनी ढफली, राग पराया : देवेश पाण्डेय ‘देश’

    बांग्लादेश की पूर्ववर्ती अंतरिम सरकार के सर्वेसर्वा रहे मोहम्मद यूनुस का मिज़ाज वास्तव में ‘कुत्ते की दुम’ की ही तरह है। अपने पद से इस्तीफा देने के बावज़ूद मोहम्मद यूनुस ने वो हरकत कर दी है जो काबिल-ए-बर्दाश्त तो कतई नहीं है। मोहम्मद यूनुस अपने विदाई भाषण में बाकायदा नाम लेकर ‘सेवेन सिस्टर्स’ का जिक्र किया है।

    मोहम्मद यूनुस ने अपने भाषण में कहा है कि हमारा खुला समंदर न केवल बांग्लादेश की भौगोलिक सीमा है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से संपर्क के लिए खुला दरवाज़ा भी है। इस इलाके में नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के पास जबर्दस्त आर्थिक सामर्थ है। पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड और त्रिपुरा को एक साथ सेवन सिस्टर्स कहा जाता है। मोहम्मद यूनुस ने इससे पहले भी यही हरकत की थी।

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    मोहम्मद यूनुस ने जब ‘सेवन सिस्टर्स’ का जि़क्र किया तो भारत का नाम नहीं लिया। बिना भारत का नाम लिये हुए सेवन सिस्टर्स का स्वतंत्र रूप से जि़क्र करने का अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि मोहम्मद यूनूस ने भारत के इन राज्यों की राष्ट्रीयता अलग करके देखी ह। यह कोई पहली बार नहीं है, जब मोहम्मद यूनुस ने सेवन सिस्टर्स का उल्लेख इस तरह से किया है। पिछले साल मोहम्मद यूनुस 26 से 29 मार्च तक चीन के दौरे पर थे। इस दौरे में भी यूनुस ने सेवन सिस्टर्स का हवाला दिया था। मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि सेवन सिस्टर्स का समंदर से कोई कनेक्शन नहीं है और बांग्लादेश ही इस इलाके का अभिभावक है।

    बांग्लादेश के PM तारिक रहमान ने पद संभालने के बाद देश के नाम अपने पहले संबोधन में कहा “चाहे वह मुस्लिम हो, हिंदू हो, बौद्ध हो, ईसाई हो, यह देश सभी का है। यह हमारा देश है।”

    यूनुस ने कहा था कि भारत के सेवन सिस्टर्स राज्य लैंडलॉक्ड हैं। इनका समंदर से कोई संपर्क नहीं है। इस इलाके के अभिभावक हम हैं। चीन की अर्थव्यवस्था के लिए यहाँ पर्याप्त संभावनाएं हैं। चीन यहाँ कई चीज़ें बना सकता है और पूरी दुनिया में आपूर्ति कर सकता है।

    मोहम्मद यूनुस की इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर लिखा था कि पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर्स राज्यों को लैंडलॉक्ड बताना और बांग्लादेश को उनके लिए समंदर तक पहुंच का एकमात्र अभिभावक बताना आपत्तिजनक और निंदनीय है।Mohammad Yunus is a 'dog's tail'

    मोहम्मद यूनुस के ऐसे भडक़ाऊ बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि ये गहरे रणनीतिक विचारों और लंबे समय से चले आ रहे एजेंडे को दर्शाते हैं। इसका भारत सरकार को बांग्लादेश की नवगठित सरकार से अपना प्रतिकार अवश्य करना चाहिये। अन्यथा आने वाले वर्षों में बांग्लादेश की ऐसी हरकतें भारत को निरन्तर असहज करती रहेंगी और ऐसे नेताओं का हौसला बढ़ाती रहेंगी। दरअसल भारत का यह इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, ख़ासकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर के कारण। महज 22 किलोमीटर चौड़े इस कॉरिडोर के ज़रिए ही पूर्वोत्तर भारत का बा$की भारत से ज़मीन से जुड़ाव है।

    बांग्लादेश और नेपाल भी इसी कॉरिडोर के साथ सीमा साझा करते हैं। इसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है। भूटान और चीन भी इस कॉरिडोर से महज कुछ किलोमीटर ही दूर हैं। पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर स्टेट्स भौगोलिक रूप से बांग्लादेश, भूटान, चीन और म्यांमार से घिरे हैं। यानी इनका समंदर से कोई संपर्क नहीं है। भारत से ज़मीन से जो संपर्क है, वो सिलीगुड़ी कॉरिडोर को ज़रिए है। ऐसे में मोहम्मद यूनुस के बयान पर पिछले साल भी विवाद हुआ था।

    सेवन सिस्टर्स के एक राज्य अरुणाचल प्रदेश पर चीन पहले से ही दावा करता है। चीन इसे दक्षिणी तिब्बत कहता है। यहाँ तक कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों के नाम चीनी भाषा में रख दिये हैं। भारत ने जवाब में कहा था कि नाम बदलने से हकीकत नहीं बदल जायेगी।

    जब चीन में मोहम्मद यूनुस ने सेवन सिस्टर्स के लैंडलॉक्ड होने का हवाला दिया था तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने एक्स पर लिखा था कि यह दिलचस्प है कि यूनुस चीन से सार्वजनिक अपील इस आधार पर कर रहे हैं कि भारत के सात राज्य लैंडलॉक्ड हैं। चीन का बांग्लादेश में निवेश करने के लिए स्वागत है, लेकिन भारत के सात राज्यों के लैंडलॉक्ड होने का वास्तव में क्या महत्व है? भारत में तब भी इस बयान को उकसाने वाला माना गया था और अब सत्ता से विदाई के वक़्त भी मोहम्मद यूनुस ने उसी बयान को दोहराया है। लेकिन बात केवल मोहम्मद यूनुस की ही नहीं है। जिन छात्रों के आंदोलन के दम पर यूनुस सत्ता में आए थे, उन छात्र नेताओं ने भी सेवन सिस्टर्स को लेकर विवादित बयान दिये हैं।

    https://shagunnewsindia.com/bnps-historic-victory-in-bangladesh-return-to-power-after-20-years-what-does-it-mean-for-india/

    पिछले साल दिसम्बर में बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के सदर्न ची$फ ऑर्गेनाइजर हसनत अब्दुल्लाह ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर बांग्लादेश को अस्थिर किया गया तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों सेवन सिस्टर्स को अलग-थलग कर दिया जायेगा। हसनत ने कहा था कि वह भारत से स्पष्ट कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश की संप्रभुता, क्षमता, हमारे मताधिकार और मानवाधिकार का सम्मान नहीं करने वाली ताकतों को पनाह देगा तो हमारी तरफ से इसका जवाब मिलेगा।

    बांग्लादेश की अस्थिरता का असर पूरे इलाके पर होगा। अगर बांग्लादेश अस्थिर हुआ तो इसकी आग सरहद से बाहर भी फैलेगी। पिछले साल अप्रैल महीने में बांग्लादेश के पूर्व सेना अधिकारी और मोहम्मद यूनुस के करीबी सहयोगी मेजर जनरल (रिटायर्ड) फज़लुर रहमान ने कहा था कि भारत अगर पहलगाम में हमले के जवाब में पाकिस्तान पर हमला करता है तो बांग्लादेश को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर कब्ज़े के लिए चीन के साथ सहयोग करना चाहिए. हालांकि मोहम्मद यूनुस की सरकार से इस बयान से ख़ुद को अलग कर लिया था.

    29 अप्रैल को एक फेसबुक पोस्ट में फज़लुर रहमान ने बांग्ला में लिखा था कि अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है तो बांग्लादेश को पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों पर कब्ज़ा कर लेना चाहिए और इस संदर्भ में चीन के साथ संयुक्त सैन्य व्यवस्था पर चर्चा शुरू करना ज़रूरी है। मोहम्मद यूनुस भले पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों के लैंडलॉक्ड होने की बात कर रहे हैं लेकिन दूसरी सच्चाई यह भी है कि बांग्लादेश इंडिया लॉक्ड मुल्क है। बांग्लादेश की 94 प्रतिशत सीमा भारत से लगती है।

    भारत और बांग्लादेश के बीच 4,367 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है और यह उसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा का 94 फीसदी है। यानी बांग्लादेश लगभग चारों तरफ से भारत से घिरा हुआ है। पिछले साल सोशल मीडिया पर इस बात की काफी चर्चा थी कि बांग्लादेश लालमोनिरहाट में चीन के सहयोग से बने एक पुराने एयरबेस को फिर से ऑपरेशनल बना रहा है। भारत को इस दिशा में जल्द ध्यान देना होगा अन्यथा बात कभी हाथ से निकल सकती है। चीन तो मन ही मन इसी फिराक में एक अरसे लगा ही है और अब अमेरिका भी।

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