धारी देवी मंदिर के पास अलकनंदा नदी में घटा भयानक हादसा: बाल बाल बचे पर्यटक, पानी में छलांग लगाकर बचाई जान !
हल्द्वानी , उत्तराखंड: कल्पना कीजिए, पवित्र अलकनंदा नदी की शांत लहरों पर सैर करते हुए अचानक दो बोट्स की टक्कर इतनी जोरदार हो कि एक बोट दूसरी के ऊपर चढ़ जाए! जी हां, यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि 15 फरवरी को धारी देवी मंदिर के पास हुआ असली हादसा है। राफ्टिंग और बोटिंग के नाम पर बिना ट्रेनिंग और अनुभवी गाइड्स के पर्यटकों की जान जोखिम में डालना अब एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
यह घटना उत्तराखंड की प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर के निकट अलकनंदा नदी के बीचों-बीच घटी। एक वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो मोटरबोट्स तेज रफ्तार में चल रही थीं। अचानक एक लाल- सफेद बोट नीली बोट से टकराई और उसके ऊपर चढ़ गई। नतीजा? कई लोग नदी की ठंडी धारा में गिर पड़े! सौभाग्य से, आसपास की अन्य बोट्स ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। कोई बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना पर्यटन उद्योग में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है।

मालूम हो कि धारी देवी मंदिर, जो उत्तराखंड की संरक्षक देवी के रूप में पूजी जाती है, चार धाम यात्रा के रक्षक के तौर पर जानी जाती है। यह मंदिर अलकनंदा नदी के किनारे कल्यासौर में स्थित है और 108 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी काली की ऊपरी आधी मूर्ति स्थापित है, जबकि निचला हिस्सा कलिमठ में है। इतिहास में यह मंदिर विवादों से जुड़ा रहा है – 2013 में एक डैम प्रोजेक्ट के लिए मूर्ति हटाई गई थी, जिसके बाद भयानक बाढ़ आई, जिसे स्थानीय लोग देवी के क्रोध से जोड़ते हैं। अब यह हादसा फिर से चेतावनी दे रहा है कि प्रकृति और धार्मिक स्थलों के साथ छेड़छाड़ महंगी पड़ सकती है।
स्थानीय पत्रकार अजीत सिंह राठी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि राफ्टिंग के नाम पर जानलेवा खेल हो रहा है। बिना प्रशिक्षित लोगों के ऐसे एडवेंचर पर्यटकों के लिए खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों से अपील है कि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, वरना ऐसे हादसे बढ़ते जाएंगे।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2024759030401601747
बता दें कि इस घटना ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, जहां लोग सुरक्षा पर बहस कर रहे हैं। उत्तराखंड पर्यटन विभाग को अब इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि धारी देवी जैसे पवित्र स्थल हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। क्या यह हादसा एक चेतावनी है?






