लिव-इन-रिलेशनशिप मे रेप के मामलो मे होगी सात साल कि जेल
भोपाल, 01 नवंबर। शादी का झांसा देकर किसी भी महिला पार्टनर के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहना भारी पड़ सकता है। महिला पार्टनर यदि पुलिस थाने में शादी का झांसा देकर रेप की शिकायत दर्ज कराई तो इसमें 7 साल तक की सजा हो सकती है। जानकारी के अनुसार इस संबंध में मप्र सरकार भारतीय दंड संहिता (आइपीसी), आपराधिक प्रक्रिया संहिता(सीआरपीसी) की धाराओं में बदलाव कर 493 ए नई धारा जोड़ने जा रही है। इस तरह का कानून बनाने वाला मप्र देश का पहला राज्य होगा। इसके अलावा मप्र में 10 साल कम उम्र की बालिका के साथ रेप करने वाले को अधिकतम फांसी की सजा दी जाएगी। इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी बीपी सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सिनियर सेक्रेटरी कमेटी में इस प्रपोजल पर सहमति बनी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस प्रस्तावित कानून के इस बिल को मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
विधानसभा में बिल पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। लॉ डिपार्टमेंट के प्रपोजल के अनुसार महिलाओं के साथ होने वाले सैक्सचूअल हरेसमेंट के मामलों में अंकुश लगाने के लिए 10 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ सिंगल रेप करने वाले को कम से कम 14 साल और गैंग रेप करने वालों को कम से कम 20 साल की सजा दी जाएगी। इससे कम की सजा न्यायालय नहीं दे सकेगा। अधिकतम सजा में फांसी तक दी जा सकेगी। प्रपोजल में सार्वजनिक स्थल पर महिला की बेइज्जती करने के मामले में भी सख्त सजा करने का प्रावधान किया गया है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि सार्वजिनक स्थल पर महिला की जब कोई बेइज्जती करता है तो 10 लोग देखते हैं, इससे महिला का मानसिक संतुलन भी बिगड़ता है। महिला के साथ छेड़खानी, पीछाकरने, फब्तियां कसने व अभद्र इशारा करने जैसे हल्के आरोप की सजा भी पहले से ज्यादा करना प्रस्तावित है।







