नई दिल्ली 01 नवंबर। भारतीय रेलवे ने कैशलेस टिकटिंग को बढावा देने के लिए पुरस्कार योजना शुरू की है। आईआरसीटीसी ने भीम ऐप के माध्यम से ई-टिकट बनवाने वाले पांच यात्रियों को लॉटरी के माध्यम से पुरस्कार देने की योजना शुरू की है। इसका पहला ड्रॉ नवंबर में खोला जाएगा। जिन पांच यात्रियों के नाम लॉटरी में निकलेंगे, उन्हें उनके मनपसंद स्थान की फ्री में यात्रा करवाई जाएगी।
इसके साथ ही अब एसी कोच के हर यात्री की आईडी चेक की जाएगी। कई यात्री एक ही पीएनआर पर यात्रा करते हैं और उनमें से एक के पास ही आईडी होती है। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। अब एक पीएनआर पर यात्रा करने वाले हर यात्री को अपनी आईडी लेकर चलना होगा। इसे नए टाइम-टेबल के साथ एक नवंबर से सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार दिसंबर के अंत से ट्रेनों की स्लीपर श्रेणी में भी हर यात्री का आईडी चेक किया जाने लगेगा। नवंबर में विभिन्न जोन के अंतर्गत कार्यरत चेकिंग स्टाफ को एडजस्ट करने के बाद यह नियम स्लीपर श्रेणी में भी लागू कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही रेलवे ने ‘सुपर टॉप’ नाम से जनरल टिकट के लिए नया सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में किसी भी स्टेशन की विंडो से जनरल टिकट बनवाने में दो से पांच मिनट तक का समय लग जाता है। सबसे ज्यादा समय यात्री द्वारा मांगे गए स्टेशन का नाम कम्प्यूटर में तलाशने में काउंटर पर बैठे बुकिंग क्लर्क को लग जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था की गई है। इस साफ्टवेयर की सहायता से यात्री एक मिनट में ही जनरल टिकट हासिल कर लेगा।







