लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि अहिंसा सर्वोच्च धर्म है, लेकिन देश और समाज की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ हिंसा अपनानी ही पड़ेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लोकार्पण
शनिवार को राजधानी में 19 करोड़ रुपये की लागत से बनी नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ किया। इस अवसर पर नौसेना बैंड की दमदार प्रस्तुति ने सभी को आकर्षित किया।
“मजबूत सुरक्षा से दुनिया भी बनेगी दोस्त”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे तो दुनिया भी मैत्री करेगी। कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता।” उन्होंने भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा, “जब सैनिक सीमा पर माइनस डिग्री में या रेगिस्तान की गर्मी में खड़े रहकर देश की रक्षा करते हैं, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोते हैं।”
बड़ी सोच से ही बड़े लक्ष्य हासिल होते हैं
योगी आदित्यनाथ ने नौसेना के आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का जिक्र करते हुए कहा कि आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच जरूरी है। इस वाटिका में आने वाले युवा भारतीय नौसेना के शौर्य, समुद्री सुरक्षा और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बारे में जानेंगे, जो उन्हें नई प्रेरणा देगी।
सुरक्षा के बिना विकास असंभव
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कर्फ्यू और माफिया राज था, विकास की संभावनाएं खत्म हो गई थीं। अब सुरक्षा का बेहतर माहौल होने से जन-कल्याण और विकास योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
प्रस्ताव: चौराहों पर रखे जाएं पुराने टैंक
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि भारतीय सेना के निष्प्रयोज्य टैंकों को प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर स्थापित किया जाए, ताकि आम नागरिक और युवा उन्हें देखकर राष्ट्रभक्ति और सेना के प्रति सम्मान का भाव रखें।
INS गोमती का नया रूप
निवृत्त INS गोमती को गोमती नदी के किनारे शौर्य वाटिका में स्थापित कर नया जीवन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और उनकी टीम का आभार जताया।
उपस्थित रही प्रमुख हस्तियां: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, नौसेना प्रमुख, विभिन्न सांसद, मंत्री और जनप्रतिनिधि।
बता दें कि एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल, दूसरी तरफ नौसेना शौर्य वाटिका – लखनऊ अब देशभक्ति और सुरक्षा जागरूकता का नया केंद्र बन रहा है।







