- 9 जुलाई को अम्बेडकर नगर में बुलाया आरक्षण बचाओ महासम्मेलन।
- संघर्ष समिति अगले 2 दिनों में पूरे मामले को एक बार पुनः निदेशक बेसिक शिक्षा व मंत्री बेसिक शिक्षा के सामने करेगा पेश उसके बाद आर-पार की लड़ाई का होगा ऐलान।
- आरक्षण बचाओ महासम्मेलन में दलित शिक्षकों के प्रदेश व्यापी हड़ताल के निर्णय पर भी होगी अहम चर्चा।
बेसिक शिक्षा विभाग अम्बेडकर नगर में लगभग 401 दलित शिक्षकों का वेतन कम किये जाने व प्रतापगढ़ में लगभग 200 दलित शिक्षकों का गलत तरीके से वेतन फ्रीज किये जाने 12 प्रधानाचार्यों के रिवर्शन को वापस न लिये जाने के विरोध में आज आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र की प्रान्तीय कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस पूरे मामले पर 2 दिन के अन्दर मंत्री बेसिक शिक्षा श्रीमती अनुपमा जायसवाल व निदेशक, बेसिक शिक्षा के समक्ष पूरे मामले को प्रस्तुत किया जायेगा और उनसे वार्ता कर यह अवगत कराया जायेगा कि वर्तमान भाजपा सरकार में आरक्षण विरोधी कुछ उच्चाधिकारियों की शह पर दलित शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कहा कि अम्बेडकर नगर में सैकड़ों दलित शिक्षकों जिनकी पदोन्नति आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-3(2) बैकलाग के तहत की गयी थी, उनका वेतन कम किया जाना बहुत गम्भीर मामला है, जिसके विरोध में 9 जुलाई को हजारों की संख्या में आरक्षण समर्थक कार्मिक व शिक्षक अम्बेडकर नगर कूच करेंगे जहां पर विशाल आरक्षण बचाओ सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में जिस प्रकार से दलित शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है, उससे हर जिले में दलित शिक्षक बहुत ज्यादा आक्रोशित हैं और समय रहते यदि शिक्षा विभाग न जागा तो प्रदेश में लगभग 3 लाख दलित शिक्षकों की बड़ी हड़ताल तय है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उ0प्र0 के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, अनिल कुमार, पीएम प्रभाकर, अजय कुमार, अन्जनी कुमार ने कहा कि अम्बेडकर नगर में 9 जुलाई को होने वाले विशाल आरक्षण बचाओ महासम्मेलन में पूरे प्रदेश में दलित शिक्षकों के उत्पीड़न पर गम्भीरता से विचार विमर्श किया जायेगा। अनेकों महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किये जायेंगे फिर भी दलित शिक्षकों का उत्पीड़न न रूका तो महा सम्मेलन में प्रदेश व्यापी हड़ताल के सम्बन्ध में भी अहम निर्णय लिया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की होगी।







