असम विधानसभा सी.ए.ए. के खिलाफ और वोटरशिप के पक्ष में प्रस्ताव पारित करें: विश्वात्मा, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल की नागरिकता पुनर्विचार रैली में जुटा जन सैलाब
रंगिया (कामरूप, असम) 17 फरवरी 2020: वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के मुखिया विश्वात्मा भरत गांधी ने रंगिया में पार्टी की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मांग की कि अन्य प्रदेशों की तरह असम प्रदेश की विधानसभा भी नागरिकता संशोधन कानून (सी.ए.ए.) के खिलाफ और मशीनों तथा प्राकृतिक संसाधनों के नाम पर सरकार द्वारा छापी जा रही नोट को फ्री में लोगों के खाते तक पहुंचाने के लिए प्रस्ताव पारित करें। यह विशाल जनसभा नागरिकता पुनर्विचार रैली के नाम से श्री विश्वात्मा का जन्मोत्सव मनाने के लिए पार्टी की असम कमेटी द्वारा आयोजित थी। लगभग 2 लाख लोगों की संख्या देखकर वीपीआई के नीति निर्देशक श्री विश्वात्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोप में पुनर्जागरण 18वीं शताब्दी में हुआ था लेकिन भारत में वह पुनर्जागरण 21वीं शताब्दी में हो रहा है।
राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक सुधारों पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक श्री विश्वात्मा ने पूरे असम प्रदेश से आए हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के जन सैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में और देश में वोटरों की जरूरतों के अनुरूप काम करने वाली सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सरकार देश के खरबपतियों को ‘अमीर’ कहने के लिए भी कानून नहीं बना पा रही है, वह हर महीने हर वोटर को 6000 रुपये की वोटरशिप दिलाने के लिए खरबपतियों से पैसा नहीं निकाल सकती। इसीलिए नेताओं की पार्टियों को हटाकर वोटरों की पार्टी को सत्ता तक पहुंचाना जरूरी है।
नागरिकता पुनर्विचार रैली में नागरिकता संशोधन कानून पर हुए विश्वात्मा ने कहा कि नागरिकता का पुराना कानून भी दोषी था, जो केवल अमीरों को ही दुनिया के किसी भी कोने के नागरिकता देने और वीजा देने का समर्थन करता था। पुराना कानून पूरी दुनिया के मध्यमवर्ग और गरीबों के विरोध में था। श्री विश्वात्मा ने कहा कि उनकी पार्टी यूरोपियन यूनियन की तर्ज पर एशियन यूनियन की नागरिकता का कानून बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में व्याप्त जंगली सभ्यता और संस्कृति का अंत करके कानून का राज कायम किया जा सके।
विश्वात्मा भरत गांधी के 51वें जन्मोत्सव के अवसर पर पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर बिहू और बोडो नृत्य का रंगारंग मनमोहक प्रस्तुतीकरण करके सभी को भारत की अनेकता में एकता का व्यापक संदेश दिया।






