पंजाब एवं हरियाणा राज्य में सुरक्षा अलर्ट जारी
चंडीगढ़ 16 सितम्बर। बाबा राम रहीम का कालचक्र घूम चुका है अब उसके अपराधों की सुनवाई तेज हो गई है इस कड़ी में आज भारी सुरक्षा के बीच पत्रकार छत्रपति साहू और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामलों में पंचकूला सीबीआइ कोर्ट में आज गुरमीत राम रहीम की पेशी होगी। राम रहीम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होगी। रोहतक जेल में यह पहला मौका होगा, जब किसी कैदी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी इसको लेकर रोहतक, पंचकूला सहित राज्यभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। रोहतक में सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा 15 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। साथ ही अर्धसैनिक और पुलिस के जवान पेशी के दौरान संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखेंगे।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार छत्रपति और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामलों में आज आखिरी बहस शुरू होगी। रोहतक जेल में यह पहला मौका होगा, जब किसी कैदी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा के नए गृह सचिव एसएस प्रसाद, पुलिस महानिदेशक बीएस संधू, चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक और पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक की।
डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई
10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की। वहीं 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थी, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई।
बताया जाता है कि अपने अखबार में साध्वी यौन शोषण मामले को उठाने पर ही रामचंद्र छत्रपति की हत्या की गई। जनवरी 2003 में पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की। इसके बाद हाई कोर्ट ने पत्रकार छत्रपति व रणजीत हत्याकांड की सुनवाई एक साथ करते हुए 10 नवंबर 2003 को सीबीआइ को एफआइआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। दिसंबर 2003 में सीबीआइ ने छत्रपति व रणजीत हत्याकांड में जांच शुरू की। डेरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच पर रोक की मांग की। नवंबर 2004 में दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डेरे की याचिका खारिज कर दी।







