रामजन्म भूमि/बाबरी मस्जिद विवाद के हल को लेकर श्री श्री रविशंकर से मिले सय्यद वसीम रिज़वी

0
555

शिया वक़्फ़ बोर्ड नही चाहता है की अब श्रीराम जन्मभूमि पर कोई नई मस्जिद बने, मस्जिद किसी मुस्लिम आबादी में ही बनाई जाये, अयोध्या फैज़ाबाद में जितनी मस्जिदे है वो वहाँ के मुसलमानो के लिए काफी है, वहाँ एक नई मस्जिद की अब कोई ज़रूरत नही है

लखनऊ 31 अक्टूबर। सय्यद वसीम रिज़वी, चेयरमैन, शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड, उत्तर प्रदेश, ने कहा की आज मेरी मुलाकात श्री श्री रविशंकर जी (गुरुदेव) से उनके आश्रम बंगलोर में रामजन्म भूमि/बाबरी मस्जिद विवाद को समझौते से हल करने के सिलसिले में मुलाक़ात हुई। उन्होंने कहा कि श्री श्री रविशंकर जी को शिया वक़्फ़ बोर्ड की ओर से अपनी राय से अवगत कराया कि श्रीराम मन्दिर रामजन्म भूमि पर ही बनना चाहिए, मैने उनको बताया कि मैं इस सिलसिले में श्री राम मन्दिर निर्माण की मा. न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे सभी महंतो/ व्यक्तियो से मिल चुका हूं सभी श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए बातचीत करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि शिया वक़्फ़ बोर्ड आपसी समझौते के बिंदु तैयार कर रहा है, शिया वक़्फ़ बोर्ड नही चाहता है की अब श्रीराम जन्मभूमि पर कोई नई मस्जिद बने, मस्जिद किसी मुस्लिम आबादी में ही बनाई जाये, अयोध्या फैज़ाबाद में जितनी मस्जिदे है वो वहाँ के मुसलमानो के लिए काफी है, वहाँ एक नई मस्जिद की अब कोई ज़रूरत नही है, श्रीराम जन्मभूमि/ बाबरी मस्जिद के मामले में समझौते की बात में विवादित जगह पर मस्जिद बनाने या उसके आसपास मस्जिद बनाने की शर्त रखना वाले विवाद को बनाये रखने की साज़िश कर रहे है।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश में धार्मिक फ़साद करना चाहते है, उनके मनसूबे देश मे खून खराबा करने के है। ध्वस्त की गई बाबरी मस्जिद शिया समुदाय की वक़्फ़ मस्जिद थी, इस मामले से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कोई मतलब नही है सिर्फ शिया वक़्फ़ बोर्ड को इस मामले निर्णय लेने का अधिकार है। मैं ने श्री श्री रवि शंकर जी को अपना मक़सद साफ साफ बता दिया है कि शिया वक़्फ़ बोर्ड श्रीराम के नाम पर झगड़ा नही समझौता चाहता है,,, मैं ने श्री श्री रविशंकर जी (गुरदेव) के इस मामले में समझौते के प्रयासों की सराहना की, और कहा कि श्री श्री रविशंकर जी गुरुदेव जैसे महान व्यक्ति अगर इस मामले में आगे आयेगे तो हिन्दू मुस्लिम भाईचारे को बल मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here