सुनहरे पर्दे पर गांधी दर्शन

0
391
Spread the love

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

महात्मा गांधी का चिंतन सम्पूर्ण मानवता के लिए था। वह ऐसा समाज चाहते थे जिसमें हिंसा के लिए कोई जगह न हो। सभी लोग शांति और सौहार्द के साथ रहें। आपसी मदभेद का समाधान भी परस्पर वार्ता से ही होना चाहिए। स्वछता पर भी उन्होंने बहुत बल दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने महात्मा गांधी के विचारों महत्व समझा, उस पर क्रियान्वयन भी करके दिखा दिया। मोदी के पहले देश में स्वच्छता अभियान इतने व्यापक पैमाने पर कभी नहीं चला था। यह महात्मा गांधी की ही प्रेरणा थी जिसके चलते नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से स्वच्छता अभियान का आह्वान किया था। इसमें सरकार को जो करना था, वह केंद्र व अनेक प्रदेश सरकारों ने किया। केंद्र सरकार के प्रयासों से देश में ग्यारह करोड़ से अधिक शौचालय बनवाये गए। इसके साथ ही अनेक प्रकार से स्वच्छता अभियान चलाया गया।

महात्मा गांधी की प्रेरणा से ही नरेंद्र मोदी ने खादी वस्त्रों को प्रोत्साहन दिया। मोदी ने मन की बात में लोगों से अपने पास खादी का रुमाल रखने का आह्वान किया था। उनकी अपील भावनात्मक थी। मोदी ने कहा था कि जब कोई खादी का रुमाल खरीदता है, तो खादी बनाने वाले के घर में दीपावली का एक दीपक जलता है। गांधी जी ने खादी को स्वतंत्रता,राष्ट्रीय स्वाभिमान और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा था। वह मानते थे कि इससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिलता है। नरेंद मोदी ने इसी भावना से कार्य किया। उनके कार्यकाल में खादी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। इसके अलावा नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की एक सौ पचासवीं जयंती व्यापक पैमाने पर मनाने का निर्णय किया था। 

इस माध्यम से वह नई पीढ़ी को उनके विचारों की प्रेरणा देना चाहते थे। इस अवसर पर देश में बड़ी संख्या में कार्यक्रम हुए। गांधी जयंती पर मोदी स्वयं साबरमती के तट पर पहुंचे थे। वहां ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही नरेंद्र मोदी ने फ़िल्म जगत के अनेक दिग्गजों को नई दिल्ली बुलाया। यहां इस सभी को गांधी की एक सौ पचासनवीं जयंती से जोड़ा, उसमें शामिल किया। उनका उद्देश्य था कि फ़िल्म जगत के लोग भी गांधी जी के विचारों का प्रचार प्रसार करें। उसमें अपना योगदान करें। इसी के साथ वह महात्मा गांधी के विचारों पर फ़िल्म का भी निर्माण करें। इससे विशेष रूप में युवा वर्ग को प्रेरणा मिलेगी।

प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में वह अभिनेता भी शामिल थे, जब मोदी के पिछले कार्यकाल में सम्मान वापसी गैंग से प्रभावित थे। इनमें एक अभिनेता ने तो यहां तक कहा था कि उनकी पत्नी को भारत में रहने से डर लगता है। लेकिन मोदी इस नकारात्मक और देश की छवि बिगाड़ने वाले अभियान को दरकिनार कर अपने कार्य में लगे रहे। बाद में इस गैंग को ही फजीहत झेलनी पड़ी। यह वैसा ही था, जैसे कभी अमेरिका ने नरेंद्र मोदी को वीजा देने से मना किया था। भारत के कुछ सांसदों ने भी मोदी को वीजा न देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। बाद में इन सबको समय के साथ बदलना पड़ा। फिर वही अमेरिका और वही मोदी, अमेरिका नरेंद्र मोदी के लिए रेड कार्पेट बिछाने लगा।

हाउडी में पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति ,अनेक गवर्नर, अनेक सांसद नरेंद्र मोदी के स्वागत में खड़े थे। अमेरिकी राष्ट्रपति पहली बार किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी प्रकार गांधी जी पर आयोजित कार्यक्रम में वह लोग भी सेल्फी के लिए बेकरार थे, जिनकी कभी सम्मान वापसी गैंग से हमदर्दी थी। आमिर खान भी इस समारोह में शामिल हुए।

इसके अलावा शाहरुख खान,, कंगना रनौत, जैक्लिन फर्नांडिस, सोनम कपूर, इम्तियाज अली, अनुराग बासु, एकता कपूर, बोनी कपूर समेत कई अन्य हस्तियां भी शामिल थी। आमिर खान ने गांधी के साथ साथ मोदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात कि मैं बापू के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के नरेंद्र मोदी के प्रयास की सराहना करता हूँ। इस दिशा में बहुत कुछ है जो फ़िल्म के कलाकार कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी की भी यही अपेक्षा है। इसे पूरा किया जाएगा।

नरेंद्र मोदी ने कहा था कि महात्मा गांधी की जयंती पर वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। फ़िल्म जगत के लोगों का यह कार्यक्रम उसी क्रम में था। इसमें मोदी ने फ़िल्म व कला जगत के दिग्गद लोगों से मिलकत की। इनके साथ महात्मा गांधी के विचारों पर विचार विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री आवास में यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए फिल्मों और टेलीविजन की दुनिया के कई लोग महान काम कर रहे हैं। गांधी सादगी के पर्याय हैं। उनके विचार दूर दूर तक गूंजते हैं। हमारे देश मे कलात्मक व रचनात्मकता शक्ति की कमी नहीं है। गांधी चिंतन के प्रति लोगो को जागरूक बनाने में ऐसे लोग महत्वपूर्ण योगदान कर सकते है।

इस आयोजन में प्रधानमंत्री ने फिल्म जगत के लोगों के सुझावों को ध्यान से सुना। इसके बाद यह तय हुआ कि फ़िल्म जगत के लोग अपने ढंग से गांधी के विचारों को जन जन तक पहुंचाएंगे। फ़िल्म व सीरियल इसके उपयोगी माध्यम होंगे। मोदी इन फिल्मी मेहमानों से दांडी में बने संग्राहलय और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थल जाने का आग्रह किया। कलाकारों ने माना कि महात्मा गांधी जी को भारत और दुनिया में फिर से पेश करने की आवश्यकता है। नरेंद्र मोदी के इस सुझाव पर सभी कलाकार अमल करेंगे। नरेंद्र मोदी का यह प्रयास सार्थक रहा। जो लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए, उनके अलावा अन्य कलाकार भी महात्मा गांधी पर दिए गए सुझाव से सहमत हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here