मुंबई में APNIC 62 सम्मेलन का आयोजन; IPv6 और रूटिंग सुरक्षा में भारत के डिजिटल नेटवर्क को मिलेगी नई तकनीकी ताकत
मुंबई: एशिया-प्रशांत क्षेत्र की इंटरनेट कम्युनिटी का प्रतिष्ठित सम्मेलन APNIC 62 करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत वापस लौटा है। मुंबई में 8 से 10 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी NIXI (नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया) द्वारा की जा रही है, जबकि ISPAI (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) इसकी सह-मेजबानी कर रहा है।
इस सम्मेलन के दौरान भारत के इंटरनेट ढांचे को सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के उद्देश्य से NIXI और APNIC के बीच एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) भी हुआ।
डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर
इस नई साझेदारी के तहत देश में इंटरनेट विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और रूटिंग सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य प्राथमिकताएं: IPv6 और RPKI (रूटिंग पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
क्षमता निर्माण: ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ कार्यक्रम, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक लैब इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास।
सुरक्षित नेटवर्क: ‘RPKI रिपोजिटरी मिरर’ की तैनाती से इंटरनेट रूटिंग सुरक्षा संबंधी जानकारी तक बेहतर और तेज़ पहुंच संभव होगी।
नेतृत्वकर्ताओं के विचार
डॉ. देवेश त्यागी (CEO, NIXI): “इस MoU के जरिए IPv6 और RPKI जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। हमारा मुख्य लक्ष्य स्थानीय विशेषज्ञता और डिजिटल क्षमता को मजबूत बनाना है।”
जिया रोंग लो (डायरेक्टर जनरल, APNIC): “भारत ने वैश्विक स्तर पर IPv6 अपनाने में नेतृत्व दिखाया है। यह साझेदारी रूटिंग सुरक्षा को और पुख्ता करने की दिशा में एक अहम कदम है।”
भविष्य की तकनीकों पर मंथन
APNIC 62 सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों ने एआई (AI), साइबर सुरक्षा, IPv6, इंटरनेट गवर्नेंस और उभरती तकनीकों पर गहन चर्चा की। यह आयोजन सुरक्षित, स्थिर और मजबूत इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।







