डॉ दिलीप अग्निहोत्री
नरेंद्र मोदी न्यू इंडिया के रोडमैप पर कार्य कर रही है। इसके माध्यम से भारत विश्व के विकसित देशों में शामिल होगा। इसके अंतर्गत पांच ट्रिलियन की भारतीय अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार मोदी सरकार के आने के बाद अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने का काम हो रहा है। इसके पहले फेक करेंसी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही थी। मोदी सरकार ने इसे रोकने का कार्य किया। जब देश का माहौल बेहतर होता है, जब बाह्य व आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तब अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। भारत में इस समय आर्थिक सुस्ती है लेकिन सरकार ने देश को आर्थिक मंदी से बचाया है। लखनऊ में पुलिस साइंस कांग्रेस के समापन समारोह में अमित शाह ने आंतरिक व बाह्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था का विशेष रूप से उल्लेख किया। नरेंद्र मोदी सरकार इन दोनों मोर्चो पर मुस्तैदी से कार्य कर रही है।
पन्द्रह हजार किमी की लैंड बाउंड्री पचहत्तर हज़ार की कोस्टल बाउंडरी है। इस सीमा में अभेद सुरक्षा तंत्र बनाने की जरूरत है। दुश्मन को कही भी जगह देने की जरूरत नही मिल सकेगी।

सुरक्षा के मद्देनजर रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार संसद में विधेयक लाएगी। राज्यों में भी इस विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान स्थापित किये जायेंगे। जिन राज्यों में पुलिस विश्वविद्यालय नहीं है,उनको इसका विशेष लाभ मिलेगा।
नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के प्रारंभ में कहा था कि अनावश्यक कानून बोझ की तरह है। उनकी सरकार ने ऐसे अनेक कानूनों को समाप्त किया। शाह ने भी माना कि ब्रिटिश राज में बने आइपीसी सीआरपीसी जैसे कानून अब अप्रासंगिक हो चुके हैं। इनमें सुधार किया जाएगा। इसके लिए राज्यों से सुझाव आमंत्रित किये गए है। संघीय ढांचे का सम्मान करते हुए सरकार इस दिशा में बढ़ेगी। सरकार मोडस ऑपरेंडी ब्यूरो बनाने पर विचार कर रही हैं। नारकोटिक्स ब्यूरो के स्वरूप में बदलाव पर विचार चल रहा हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी इस दिशा में बेहतर कार्य किया है। प्रयागराज कुंभ और प्रवासी सम्मेलन के सफल आयोजन में सहयोग के लिए वह पुलिस बल की तारीफ करते है। पांडुचेरी की राज्यपाल और पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने भी पुलिस साइंस के उद्घाटन में इन बातों का उल्लेख किया था। उन्होंने प्रयागराज के साथ राममंदिर निर्णय के समय शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की तारीफ की थी। पिछले ढाई वर्षों में यहां पुलिस प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का अभूतपूर्व काम हुआ। कुछ समय पहले योगी आदित्यनाथ ने एक सप्ताह में दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया था। इस अवधि में बेहतर व्यवस्था के कारण ही उद्योगपतियों ने यहां अभूतपूर्व निवेश के एमओयू साइन किये। अभूतपूर्व इन्वेस्टर्स सामित आयोजित हुई।
करीब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का शिलान्यास हुआ। एक जिला एक उत्पाद में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है। यह सब बेहतर व्यवस्था का ही परिणाम है। इस सैंतालीसबी पुलिस साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किरण बेदी ने किया था। देश की प्रथम महिला आईपीएस किरण बेदी अपने शानदार कैरियर के लिए विख्यात रही है। इस समय वह पांडुचेरी की राज्यपाल है। यहां भी वह अपनी संवैधानिक सक्रियता के कारण लोकप्रिय है।
जनहित के कार्यो में वह प्रोटोकॉल तोड़ कर निकल पड़ती है। आज वह लखनऊ में थी। उन्होंने हिन्दू चिंतन के कर्मफल सिद्धांत पर विश्वास व्यक्त किया। पुलिस सेवा से लेकर आज तक वह अच्छे कार्य करने का प्रयास करती है। यही सन्देश उन्होंने यहां पुलिस मुख्यालय में दिया। कहा कि सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए।
वह लखनऊ में आयोजित सैंतालीसवी आल इंडिया पुलिस साइंस में शामिल हुई। यहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। कहा कि एक सौ साठ बीट बॉक्स की शुरुआत उन्होंने दिल्ली में की थी,यह कार्य लोगों के सहयोग से किया गया। उन्होंने कहा कि अपनी यूनिफार्म का सम्मान आस्था के अनुरूप करना चाहिये।
न्याय और हौसला पुलिस बल का मूलमंत्र है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशंसा की। कहा कि प्रयागराज कुम्भ और अयोध्या में फैसले पर यहां की पुलिस ने बेहतरीन कार्य किया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
पुलिस साइंस कांग्रेस में देश के अनेक संबंधित शिक्षाविद् शामिल हुए। साइंस और टेक्नालॉजी, महिला और बच्चों की सुरक्षा, कट्टरपंथ को रोकने में सोशल मीडिया की भूमिका, पुलिस और ट्रेनिंग, क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में सीसीटीएनएस के सहयोग पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गए। बाइस वर्ष बाद ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस लखनऊ में आयोजित की गई। पहली पुलिस साइंस कांग्रेस उन्नीस सौ साठ में बिहार से शुरू हुई थी।
इसका आयोजन ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रतिवर्ष करता है। लखनऊ पुलिस साइंस कांग्रेस में एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। पुलिस साइंस कांग्रेस में अनेक अकादमिक सत्र आयोजित किये गए। जिनमें सोशल मीडिया के महत्व, पुलिस प्रशिक्षण व क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम से जुड़े विषयों पर पुलिस अधिकारी व विशेषज्ञों ने विचार विमर्श किया।







