मुंबई, 18 मार्च। पुराने ज़माने के सुपरस्टार फिल्म अभिनेता जितेंद्र पर यौन शोषण के पुराने मामले में दर्ज एफआइआर पर हाइकोर्ट ने आगे पुलिस जांच पर रोक लगा दी है। जितेंद्र ने 47 साल बाद एफआइआर दर्ज करने को अपने वकील के माध्यम से चुनौती दी थी।
बिना सुबूत के कैसे मामला दर्ज किया:
गौरतलब है कि यौन शोषण मामले में आरोपित फिल्म अभिनेता जितेंद्र के वकील ने शिमला पुलिस की ओर से दायर एफआइआर को प्रदेश हाइकोर्ट में चुनौती दी थी। एफआइआर की कॉपी मिलने के बाद हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी। जितेंद्र के वकील जिनेश ने कोर्ट में कहा कि 47 साल बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच किए बिना सुबूत के कैसे मामला दर्ज किया?
उन्होंने आरोपित से प्रारंभिक पूछताछ नहीं किये जाने पर भी सवाल उठाया। एफआइआर दर्ज करने के बाद आरोपित को इसकी कॉपी मुहैया नहीं करवायी गयी, पुलिस को इस मामले में भी जितेंद्र के वकील ने कटघरे में खड़ा किया है। जितेंद्र के वकील जिनेश ने शिमला पुलिस व प्रदेश सरकार के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की है।
47 साल पुराना है। हम कोर्ट में पक्ष रखेंगे:
जितेंद्र के वकील ने कहा कि यह मामला 47 साल पुराना है। हम कोर्ट में पक्ष रखेंगे। शिमला जिला पुलिस ने बिना प्रारंभिक जांच के इतने पुराने मामले में एफआइआर दर्ज कर दी। ऐसी कई दलीलें हैं जिनके आधार पर कोर्ट में याचिका दायर की गयी है।
रिश्ते में लगने वाली बहन ने लगाया यौन शोषण का आरोप:
जितेंद्र पर यौन शोषण का आरोप उनके रिश्ते में लगने वाली बहन ने लगाया है। जितेंद्र के वकील ने बताया कि पीड़िता ने अभी तक बयान दर्ज नहीं कराया है। पुलिस ने पीडि़ता को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान करवाने के लिए कहा है। हालांकि पीडि़ता ने यह नहीं बताया है कि वह बयान दर्ज करवाने के लिए कब शिमला आएगी। जब तक पीड़िता बयान दर्ज नहीं करवाएगी, पुलिस आरोपित से पूछताछ नहीं कर सकती है। पीडि़ता का बयान दर्ज होने के बाद ही पुलिस जितेंद्र से पूछताछ करने के लिए मुंबई जाएगी।







