6 मार्च तक सभी मुद्दों पर राय शुमारी के बाद राजनीतिक दलों को भेज कर उनसे घोषणा पत्र में शामिल करने की होगी मांग
लखनऊ, 20 फरवरी: आगामी लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में बिजली क्षेत्र की पांच प्रमुख मांगे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल कराने को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आज से सोशल मीडिया ट्विटर फेसबुक व्यक्तिगत ऑनलाइन वेबीनार व सामाजिक व कृषि क्षेत्र के जुडे संगठनों से वार्तालाप कर उनकी राय जानेगा। यह अभियान 6 मार्च तक चलेगा। सभी मांगों पर उपभोक्ता परिषद अलग-अलग 3 दिन तक राय शुमारी करेगा। इसके बाद उस पर आम जनता और प्रदेश के उपभोक्ताओं की राय के आधार पर उस मुद्दे की आम जनता की राय को राजनीतिक दलों को भेजेगा और उनसे यह मांग करेगा कि वह अपने चुनावी घोषणा पत्र में इन मुद्दों को प्रमुख स्थान दें।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा उपभोक्ता परिषद ने बिजली क्षेत्र और उपभोक्ता सेवा में व्यापक सुधार के लिए जिन 5 प्रमुख मुद्दों को चुना है उसमें प्रमुख रूप से देश व प्रदेश के किसानों की बिजली फ्री की जाए अथवा सस्ती की जाए ? देश व प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जाए या वर्तमान रोस्टर लागू रखा जाए?
बिजली क्षेत्र का निजीकरण हो अथवा नहीं देश के उत्पादन क्षेत्र में निजी घरानो का 51 प्रतिशत कब्जा उचित अथवा अनुचित ? देश के उत्पादन वितरण ट्रांसमिशन सहित सभी क्षेत्रो में कार्यरत निजी घरानों की सी0ए0जी0 ऑडिट अनिवार्य रूप से हो अथवा नहीं? देश व प्रदेश में लागू बिजली मुआवजा कानून को शत प्रतिसत न लागू करने वाले बिजली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई अथवा नहीं?
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा आज पहले दिन किसानों की बिजली फ्री हो या सस्ती हो पर आम जनता वह उपभोक्ताओं की राय शुमारी शुरू की गई है जो अगले तीन दिनों तक चलेगी इसके बाद दूसरे मुद्दे पर राय शुमारी की जाएगी।







