महामारी के दौरान बिना पुष्टि किये सूचनाओं पर न करें विश्वास: प्रो. देविका पी मदाली

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बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में “इनफारमेशन लिटरेसी टू फाइट एपिडेमिक” विषय पर हुआ सेमिनार

लखनऊ, 22 मई 2020: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा शुक्रवार को “इनफॉरमेशन लिटरेसी टू फाइट एपिडेमिक” विषय पर एक वेबिनार आयोजित गया। यह वेबिनार डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉरमेशन साइंस द्वारा आयोजित किया गया। वेबिनार की मुख्य वक्ता प्रोफेसर देविका पी. मदाली (डीआरटीसी, इंडियन स्टेटिकल इंस्टीट्यूट, बैंगलोर) रही।

प्रोफेसर देविका पी. मदाली ने डिजिटल लिटरेसी और इंफॉर्मेशन लिटरेसी इसी पर बात की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की महामारी के दौरान सूचनाओं का प्रभावी ढंग से प्रयोग होना आवश्यक है। इसके साथ ही लोगों की भी यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह बिना पुष्टि किए किसी भी सूचना पर विश्वास न करें । ऐसे समय में सरकार, शिक्षाविदों, मेडिकल स्टाफ व आमजन सभी का बराबर योगदान होना चाहिए। सूचनाएं सही वक्त पर और सही तरीके से लोगों तक पहुँचे इसमे मीडिया की भी ज़िम्मेदारी बनती है।

वेबिनार के मुख्य संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने भी इस वेबिनार के माध्यम से कोविड 19 से जुड़ी भ्रामक जानकारियों के प्रवाह के कारण बढ़ रही समस्याओं पर बात की। उन्होंने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कई सारी गलत सूचनाएं इस महामारी के बारे में फैलाई जा रही है, जिसके चलते लोगों में डर की स्थिति है। यह गलत सूचनाएं हमारे समाज में एक दूसरी महामारी की तरह है जो कई अन्य समस्याओं को जन्म दे रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉक्टर विनीत कुमार ने विषय वस्तु पर संक्षिप्त में चर्चा की। वेबिनार की आयोजक, डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉरमेशन साइंस की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शिल्पी वर्मा ने बताया कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोविड 19 को लेकर बहुत सारी भ्रामक जानकारियां हैं जिसे दूर करने की ज़रूरत है। लोग इस पैंडेमिक के साथ एक तरह का इन्फोडेमिक भी झेल रहे। लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए उन तक सही जानकारी पहुँचाना ज़रूरी है। गलत सूचनाओं की वजह से लोगों मे अवसाद, डर व अन्य मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं।

प्रो0 केएल महावर ने कहा कि सही जानकारी लोगों तक पहुचनी आवश्यक है। प्रो0 एम0 पी0 सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सब कुछ बंद है मगर फिर भी हमारे पास यह ऑनलाइन प्लेटफार्म है जिसका प्रयोग हम ज्ञान और सही जानकारी लोगों तक पहुचाने में कर सकते हैं। वेबिनार में 2952 ऑनलाइन पंजीकरण हुए।

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