राष्ट्रसेवा का दीक्षान्त सन्देश: शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं

0
363
डॉ दिलीप अग्निहोत्री
विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह समाज के प्रति अपने दायित्व की प्रेरणा देने वाले होते है। विद्यर्थियो के लिए यह यादगार पल होता। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के चतुर्थ दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित किया। इसमें कहा गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है। बल्कि इससे बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास भी होना चाहिए। भारत ज्ञान के बल पर विश्व गुरु बना था। गुरुकुल और ज्ञान के प्रसार से भारत पुनः उस गौरव को प्राप्त कर सकता है। शिक्षा के माध्यम से समरसता का भाव भी जागृत होना चाहिए। समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध भी होना चाहिए।नदियों के प्रदूषण को रोकने, सस्ते आवास बनाने जैसे लोक कल्याण कार्यों में बेहतर तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रौद्योगिकी संस्थानो को आगे आना चाहिए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षान्त समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि बौद्धिक व आध्यात्मिक विकास भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन्फोसिस के संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति द्वारा दी गयी जानकारी को भी आत्मसात करना चाहिए। बहुत ही अल्प समय में इस विश्वविद्यालय में काफी काम हुआ है और यह विश्वविद्यालय निरन्तर प्रगति कर रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने चौतीस गोल्ड मेडल भी वितरित किए। योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता। जीवन कुछ न कुछ सीखते रहने का नाम है। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करके मात्र नौकरी को ही प्राथमिकता न दें, बल्कि समाज के उत्थान में आपकी क्या भूमिका हो सकती है, इस पर भी चिंतन करें और अपनी डिग्री की सार्थकता को भी प्रमाणित करें।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी के जनपद गोरखपुर में प्रथम आगमन के लिए अभिनन्दन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री  ने इंफोसिस के संस्थापक  एनआर नारायणमूर्ति को डीएससी की मानक उपाधि एवं सभी छात्र-छात्राओं को डिग्री प्राप्त करने पर बधाई दी। दीक्षान्त समारोह गुरुकुल की परम्पराओं एवं उपनिषदों की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है। यह सत्य बोलने, धर्म के मार्ग पर चलने एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देता है। जिन छात्र छात्राओं को राज्यपाल द्वारा आदर्शों के पथ पर चलने की प्रतिज्ञा दिलाई गई हैं, उन्हें उस प्रतिज्ञा को निभाना है।
मुख्यमंत्री जी ने तकनीक के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद बजट का अभाव था और लघु एवं सीमांत किसानों का छत्तीस हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जाना था। सरकार द्वारा सभी किसानों के खातों को तकनीक के माध्यम के आधार से जोड़ा गया और सत्यापन के बाद सरकार द्वारा लघु एवं सीमान्त किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया गया। प्रदेश में सरकार बनते ही पन्द्रह करोड़ लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाया गया। सरकार द्वारा गड़बड़ी रोकने के लिए राशन कार्डों की जांच करवाई गईं और आधार से जोड़कर ई-पॉस मशीनें लगायी गयीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो रुपए किलो गेहूं, तीन रुपए किलो चावल दिया जा रहा है। सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई साथ ही, एक हजार करोड़ रुपए की बचत भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में इंसेफेलाइटिस से हजारों लोग प्रभावित होते थे। सरकार बनने के बाद बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसकी वजह से इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित किया जा सका। उन्होंने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार आने के बाद दस करोड़ से ज्यादा लोगों को शौचालय, ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को आवास, करीब पचास करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा वर्ष दो हजार चौबीस तक ‘हर घर नल’ योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। इसमें तकनीक का कैसे बेहतर उपयोग हो सकता है, इसके लिए प्रौद्योगिकी के छात्रों को आगे आना चाहिए। नदियों के प्रदूषण को रोकने, सस्ते आवास बनाने जैसे लोक कल्याण कार्यों में बेहतर तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों को आगे आना चाहिए। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रयुक्त विज्ञान विभाग विस्तार निर्माण कार्य एवं आईटीसीए विभाग विस्तार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। आनन्दी बेन ने कहा कि  दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय का गौरवपूर्ण अवसर प्रदान करता है। जब ज्ञान की प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा होता है। दीक्षा का अंत हो सकता है। परन्तु ज्ञानार्जन का मार्ग आजीवन खुला रहता है।
बुलंदी पर पहुंचना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसको बनाये रखना महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के केन्द्र होते हैं। हमें विचार करना चाहिए कि उच्च शिक्षा की दिशा एवं उद्देश्य क्या हो। छात्र छात्राओं को उपाधि देकर यह काम पूरा नही हो सकता है बल्कि उच्च शिक्षा विकास का एक सशक्त माध्यम बने। उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को नवाचार के बारे में विचार करना होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीक्षांत समारोह गुरूकुल की परम्पराओं और उपनिषद की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है जो सत्य बोलने, धर्म के मार्ग पर चलने एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देते है। राज्यपाल द्वारा दिलाई गयी प्रतिज्ञा के आदर्श पथ पर चलकर छात्र-छात्रायें अपनी प्रतिभा का लाभ समाज को दें।
 राज्यपाल ने सरस्वती बालिका विद्यालय सूरजकुण्ड में विद्यालय द्वारा संचालित भगिनी निवेदिता छात्रावास का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने कहा कि गुरू शिष्य परम्परा एक परिपाटी है जो बालक बालिकाओं को श्रेष्ठ चरित्र निर्माण हेतु प्रोत्साहित करती है। संस्कारित शिक्षा ही छात्राओं को कुशल गृहणी एवं कुशल माँ के रूप में संतानों के जरिये अगली पीढ़ी को संस्कारवान बनाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here