रोजमर्रा की भाग-दौड़ और लगातार बदलती लाइफस्टाइल से आम लोगों में हार्ट की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है कहते है शरीर को सही तरीके से चलाने के लिए हार्ट का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है अगर हमें किसी तरह की प्रॉब्लम है तो इसके लक्षण पहले ही दिखने लगते हैं।
हार्ट में प्रॉब्लम होने पर लोगों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज एनजाइना, दिल का दौरा आदि बीमारियां हो सकती हैं आइये समझते है इस गंभीर समस्या से कैसे बच सकते हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण
हार्ट अटैक आने से पहले सीने के दाहिनी छाती की हड्डियों में असहजता भारीपन दर्द महसूस होता है। कुछ लोगों की जबड़े और बाहों में असहजता महसूस होती है। कई बार बहुत ज्यादा कमजोरी घबराहट या सांस लेने में मुश्किल होती है इसके अलावा दिल की धड़कन में बदलाव होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

शरीर में इन लक्षणों के देखने पर रोगी को तुरंत इलाज की जरूरत होती है ताकि हार्ट अटैक आने से लोगों को बचाया जा सके लेकिन कई बार देखा गया है कि कुछ लोगों को हार्ट अटैक आने से पहले किसी तरह का लक्षण दिखाई नहीं देता है जिसे साइलेंट माय कार्डियल इंफेक्शन यानी एमआई भी कहा जाता है ऐसा खासतौर पर उन लोगों को होता है जिन्हें पहले से डायबिटीज होती है।
कोरोनरी आर्टरी की समस्या
हार्ट की समस्या होने पर सबसे आम लक्षण है एनजाइमा या छाती में दर्द। इसको छाती में भारीपन असामान्यता दबाव दर्द, जलन और ज्यादा दर्द से भी पहचाना जा सकता है। इसके अलावा कोरोनरी आर्टरी प्रॉब्लम होने से पहले छोटी-छोटी सांस आना, धड़कन तेज होना, उल्टी आना या महसूस होना, एकदम से पसीना आना जैसे लक्षण दिखते हैं।
हार्ट वॉल में प्रॉब्लम होने पर
हार्ट वॉल बहुत गंभीर बीमारी होती है। इस समस्या के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज की जरूरत होती है कई बार इस समस्या के होने से पहले किसी तरह के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं और कई बार इतने गंभीर होते हैं कि तुरंत इलाज की जरूरत होती है। इस समस्या के होने से पहले पूरी सांस न आना है। खासतौर पर जब आप नियमित दिनचर्या कर रहे हो या बिस्तर पर लेटे हो, ठंडी हवा बाहर निकलने पर छाती में भारीपन महसूस होता है। इसके अलावा इसी तरह के और लक्षण दिखाई देते हैं।







